कुकर्मी नेवल डाकयार्ड प्रशासन के कारण डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग में भयंकर दुर्घटना

swimming-pool-road
Picture taken from Google images

कल डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग में एक भयंकर दुर्घटना हुई | स्विमिंग पूल के पास की संकरी सड़क पर एक महिला को डम्पर ने कुचल दिया | दुर्घटना इतनी भयंकर थी कि महिला का सर धड से अलग हो गया | चारों तरफ चीख पुकार मच गयी | दुर्घटना के लिए एक गोरे रंग के चश्मा लगाए लडके को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है | उसकी ओवरटेकिंग के कारण दुर्घटना हुई, ऐसा बताया जाता है | लडके की अब तक पहचान नहीं हो पाई है | पुलिस की कार्रवाई अब तक इस मामले में सुस्त है |

मैं इस दुर्घटना के लिए उस लडके के साथ-साथ नेवल डाकयार्ड प्रशासन को भी जिम्मेदार मानता हूँ | वो डम्पर ओवरलोडेड था | ठेकेदारों की यह आदत होती है कि पैसा बचाने के लिए वो वाहनों में क्षमता से ज्यादा सामान भर देते हैं | ऐसे वाहनों पर नियंत्रण करना कठिन होता है | इस मामले में भी यही हाल था | क्षमता से अधिक भरे हुए इस ट्रक ने महिला को कुचल दिया | उस ट्रक को हमारी कॉलोनी में अंदर आने कैसे दिया गया ? उसे वापस क्यों नहीं भेज दिया गया ? २ बजे का समय वो समय होता है जब केंद्रीय विद्यालय छूटता है | पूरी कॉलोनी बच्चों से भरी होती है | ऐसे समय में उस ट्रक को अंदर आने कैसे दिया गया ? जिस सड़क से वो डम्पर मुड़ रहा था, वो सड़क डम्पर का भार सहने लायक बनाई ही नहीं गई है | उस रास्ते पर डम्पर ले जाने की अनुमति किसने दी ? उन सडकों को होनेवाला नुकसान कौन भरेगा ? उस सड़क पर डम्पर चलाने के कारण स्विमिंग पूल की तरफ आई हुई पाइपलाइन कई बार टूटी है, उसका नुकसान कौन भरेगा ? नौसेना के भ्रष्ट अधिकारी, चिंदीचोर कमांडर मुजावर और सुरक्षा अधिकारी चीमन लांबा (लांबा ने अब तक नए सुरक्षा अधिकारी तोरस्कर को चार्ज नहीं दिया है |) कब तक लोगों की लाश पर रिश्वत खाएँगे ?

वो डम्पर जिस कंस्ट्रक्शन साईट की तरफ जा रहा था, इससे पहले भी वहाँ दुर्घटना हो चुकी है | कुछ माह पूर्व कोलकाता से आए एक लडके को बिना सेफ्टी बेल्ट के, बन रही ईमारत की आठवी मंजिल पर चढ़ा दिया गया | वो बेचारा वहाँ से गिरकर मर गया | ऐसी लापरवाही के बाद तुरंत उस ठेकेदार का ठेका रद्द होना चाहिए था | ठेका रद्द होना तो छोडो, नौसेना प्रशासन ने छोटी सी कार्रवाई भी नहीं की | करेंगे कैसे ! भर-भर के रिश्वत ली है | अब एक मजदूर मरे या दस, इंसान की लाश तक को नोच के खानेवाले उन नौसेना अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता | ये सफ़ेद वर्दीवाले जोंक दूसरों की माँ-बहन पर बुरी नजर डालकर और रिश्वत का पैसा खाकर ही जीवित रहते हैं | ये देश के रक्षक नहीं भक्षक है | कल ही इन पापियों ने नौसेना का एक और जहाज जलाया है | उस बारे में कल विस्तार से लिखूँगा |

पाठक गण समझ जाइए, यदि आप नहीं चाहते कि आप और आपकी आनेवाली पीढ़ी कीड़े-मकौड़े की तरह जिए और उसी तरह मरे, तो इन साँपों का फन अभी से कुचलना पडेगा | इनके हर गलत काम की पोल खोलो | इनके विरुद्ध अपनी आवाज उठाओ, अपनी कलम चलाओ |

(मुझसे [email protected] पर मेल कर संपर्क किया जा सकता है | )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *