सी. बी. तिवारी : केंद्रीय विद्यालय भांडुप, मुंबई का अश्लील और चरित्रहीन हिंदी शिक्षक

C B Tiwari
C B Tiwari

जैसा कि पाठकगण जानते हैं मैं पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय विद्यालय, भांडुप में फैली अव्यवस्था के विरुद्ध लिख रहा हूँ | यदि आपने उन लेखों को पढ़ा न हो तो इन लिंक्स पर क्लिक कर के पढ़ें :
१) केंद्रीय विद्यालय भांडुप, मुंबई का रसायनशास्त्र (chemistry) का प्रश्नपत्र हुआ लीक
२) परीक्षा का मजाक : केंद्रीय विद्यालय भांडुप, मुंबई में अपनी परीक्षा की उत्तर पुस्तिका खुद जाँचते हैं विद्यार्थी

कुछ लोग मेरे लेखों से बहुत खुश है, उनकी प्रशंसा कर रहे हैं | तो कुछ बहुत नाराज है और मेरे लिए अपशब्द बोल रहे हैं | ऐसे व्यक्तियों में से ही एक है केंद्रीय विद्यालय, भांडुप, मुंबई के हिंदी शिक्षक सी. बी. तिवारी जी | उन्होंने ईभारत में मुझे एक बढ़िया सा संदेश भेजा है : “Kv me joote saaf karne Ki naukari chaiye tumhe? Agar han to sampark karo.”

कितना बढ़िया सन्देश है न ! वैसे तो मुझे इस तरह के संदेशों की आदत हो गई है | लोग भेजते रहते हैं और मैं ध्यान भी नहीं देता किंतु इस बार शायद भगवान को कुछ और मंजूर है | जब तिवारी जी ने मुझे ईभारत द्वारा उपरोक्त संदेश भेजा, उस समय केंद्रीय विद्यालय से जुड़ा एक व्यक्ति काफी लंबे समय बाद मुझसे मिलने मेरे कार्यालय आया था | मैं उससे बात कर ही रहा था कि मुझे तिवारी जी का संदेश मिला | मैं तो सी. बी. तिवारी नाम के किसी व्यक्ति को जानता भी न था | तो मैनें उसी से पूछ लिया कि क्या वो किसी सी. बी. तिवारी नाम के व्यक्ति को जानते हैं ? उन्होंने तुरंत बताया कि वो केंद्रीय विद्यालय, भांडुप में हिंदी के शिक्षक हैं |

अब इतनी जानकारी मेरे लिए काफी नहीं थी | तो मैनें उनसे और पूछताछ की | शुरू में तो वो हिचकिचाये पर जब मैनें उन्हें तिवारी जी का संदेश दिखाया तो उन्होंने तिवारी जी का सारा कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया | उनके अलावा कई वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों से बात करने के बाद मुझे निम्नलिखित बातें पता चली है :

तिवारी जी वैसे तो पेशे से शिक्षक है किंतु चरित्र के थोड़े ढीले हैं | अपने ही विद्यालय की १४-१५-१६ वर्ष की कन्याओं पर उनकी बुरी नजर रहती है | उनसे फेसबुक पर दोस्ती करते हैं | फ़्लर्ट करते हैं | अश्लील बातें करते हैं | ४-५ वर्ष पहले उन्होंने एक कन्या को गले लगने के लिए कहा था | यह बात पूरे विद्यालय में फ़ैल गयी थी और उनकी बहुत बदनामी हुई थी | आज भी उनकी आदत है लड़कियों को कक्षा से बाहर बुलाकर अकेले में बात करने की | इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की थी | मैनें स्वयं तिवारी जी की फेसबुक चैट पढ़ी और उन चैट का स्क्रीनशॉट भी देखा | 

यदि आप मे से कोई सी. बी. तिवारी जी से संपर्क करना चाहता है तो उनके फेसबुक प्रोफ़ाइल का लिंक है : https://www.facebook.com/cb.tiwari2

इससे पहले भी केंद्रीय विद्यालय, भांडुप के एक और शिक्षक के विरुद्ध ऐसी शिकायत लिखित में हो चुकी है | कुछ लड़कियों ने प्रधानाध्यापिका श्रीमती प्रमिला पाल को पूरे मामले की जानकारी भी दी थी | पर उस शिकायत को उस कमिशनखोर महीला ने दबा दिया | मामले को दबाने में केंद्रीय विद्यालय के पवई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत असिस्टेंट कमिश्नर सरिता नसवा का भी बड़ा योगदान था |

पिछली बार शिकायत सिर्फ केंद्रीय विद्यालय संगठन के पास गई थी | इस बार मुंबई पुलिस और जरुरत पड़ी तो मीडिया के पास भी जायेगी | वैसे तो मैं हमेशा फुफकारों लेकिन काटो मत वाली बात पर यकीन करता हूँ | इसलिए किसी को वास्तविक नुकसान नहीं पहुँचाता | किंतु इस बार सी. बी. तिवारी, श्रीमती प्रमिला पाल तथा श्रीमती सरिता नसवा को जीवन भर के लिए सबक सिखाऊँगा |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *