ठरकीयों और चरित्रहीनों के परम मित्र कुनाल कामरा देंगे भारतीयों को लोकतंत्र और राजनीति का ज्ञान

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पता नहीं आप लोगों में से कितने लोग कुनाल कामरा को जानते हैं ! थोड़ा बहुत मैं बता देता हूँ | कुनाल कामरा जी स्टैंड अप कॉमेडियन हैं | वही स्टैंड अप कॉमेडी जिसमें स्टेज पर अश्लील बातें और गन्दी-गन्दी गालियाँ देकर लोगों को हँसाया जाता है | कुनाल जी कॉमेडी के साथ-साथ पार्ट टाइम राजनेता भी है | कट्टर मोदी विरोधी हैं | अपनी कॉमेडी से समय-समय पर मोदी और भाजपा पर व्यंग्य कसना इनका पसंदीदा काम है | वामपंथियों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं |

कुनाल कामरा जी आज कल राजनीति में बहुत ज्यादा सक्रिय हैं | अपने ट्विटर हैंडल द्वारा और दूसरे मीडिया स्रोतों के द्वारा वो हम भारतीयों को बताते रहते हैं कि मोदी सरकार ने कश्मीर में गलत किया | मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन क़ानून [ Citizenship (Amendment) Act, 2019 ] बनाकर गलत किया | और भी दुनिया भर का मोदी विरोध में रोना उनका हमेशा जारी रहता है |

मुझे बड़ी ख़ुशी है कि कुनाल कामरा जैसा परम बुद्धिमान और चरित्रवान व्यक्ति लोकतंत्र और राजनीती के क्षेत्र में हम भारतीयों का मार्गदर्शन कर रहा है | तन्मय भट्ट, गुरसिमरन खम्भा, उत्सव चक्रवर्ती, अदिति मित्तल जैसों के साथ रहकर कुनाल कामरा जी अच्छे और बुरे को पहचानना सीख गए हैं | अब आप सोचेंगे कि यह नए चार लोग कौन है ! यह चारों स्टैंड अप कॉमेडी के गन्दी नाली (AIB – आल इंडिया बकचोद उर्फ़ Send Nudes ग्रुप) से निकले वो जीव हैं जिन्होनें कुछ सालों में ऐसी गंदगी फैलाई कि MeToo Movement के दौरान त्राहि-त्राहि मच गई थी |

जिन पाठकों को MeToo Movement के बारे में पता न हो उनकी जानकारी के लिए बता दूँ – MeToo Movement में लड़कियों और लड़कों ने अपने साथ हुए अश्लील हरकतों और और शारीरिक शोषण का खुलासा किया था | इस खुलासे के दौरान AIB – आल इंडिया बकचोद (उर्फ़ Send Nudes ग्रुप) नामक स्टैंड अप कॉमेडी ग्रुप पर इतने आरोप लगे कि उन्हें अपना ग्रुप बंद कर देना पड़ा | यह ग्रुप उस समय तक काफी सफल था | तन्मय भट्ट, गुरसिमरन खम्भा, उत्सव चक्रवर्ती, अदिति मित्तल आदि महारथी उसी ग्रुप से है | दूसरों को नंगी तस्वीरें भेजना, बच्चियों के बलात्कार की बातें करना, जबरदस्ती किस्स करना आदि-आदि आरोप इन महारथियों पर इनके ही साथियों ने लगाए थे |

कुनाल कामरा जी ने इनके साथ काम किया | खूब पैसा बनाया, नाम कमाया | इन चारों की गंदी हरकतों के बारे में भी उन्हें पूरा पता था | कुनाल जी ने कानोंकान किसी को खबर नहीं होने दी | इसे कहते हैं सच्चा दोस्त ! दोस्ती के अलावा कुनाल जी व्यावहारिक मनुष्य हैं | उन्हें पता है कि बाप बड़ा न भैय्या, सबसे बड़ा रुपैय्या | इसलिए कमाई पर आँच आने नहीं दी | लेकिन फिर MeToo Movement में इनके साथियों का नाम आने लगा | यह भी पता चला कि इन्हें मामले की पूरी जानकारी थी | अब कुनाल जी पड़े मुसीबत में | उन्होंने तुरंत मीडिया को बुलाकर बयान दिया कि आरोप तो सच हैं और जब भी उन्हें इन आरोपों के बारे में पता चलता, वो AIB – आल इंडिया बकचोद वालों को खूब डाँटते | इसी वजह से AIB ने इतने वर्षों में सिर्फ ३०-४० लोगों का शोषण किया | यह न होते तो ३००-४०० लोगों का शोषण हो जाता | उनके इतने बयान देने भर की देर थी, वामपंथी मीडिया ने इन्हें दुबारा हीरो बना दिया |

अब आप ही सोचिये कि AIB – आल इंडिया बकचोद (उर्फ़ Send Nudes ग्रुप) जैसे गंदे नाले में जाकर पैसा कमाकर साफ़ निकल जाने की कला जाननेवाले कुनाल कामरा की बात हम लोगों को माननी चाहिए या नहीं ! इसमें हमारा ही फायदा है | मैनें तो तय कर लिया है कि अपना अगला वोट इनके सुझाव के अनुसार ही दूँगा | आज से कुनाल जी ही मेरे राजनैतिक गुरु हैं | आप लोगों की अतिरिक्त जानकारी एक लिए बता दूँ कि छोटी बच्ची के बलात्कार की बात करनेवाले तन्मय भट्ट के साथ काम करना कुनाल कामरा जी ने MeToo Movement के बाद भी जारी रखा है | आखिर – बाप बड़ा न भैय्या, सबसे बड़ा रुपैय्या |

मंत्रीपद के अहंकार में डूबे मुंबई के भाजपा विधायक आशीष शेलार ने विद्यार्थी की सहायता करने से किया इनकार

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किसी भी अयोग्य व्यक्ति को जब बिना उसकी मेहनत के कोई बड़ी प्रतिष्ठा का पद मिल जाता है तो उसका घमंड उसके सर चढ़ के बोलने लगता है | ऐसा ही कुछ हो रहा है महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री आशीष शेलार के साथ | आशीष शेलार मुंबई के बांद्रा पश्चिम से भाजपा के विधायक हैं | मंत्री बनने से पहले मुंबई भाजपा के अध्यक्ष थे | संगठन के पद पर रहते हुए बहुत ज्यादा मलाई मिल नहीं सकती थी, इसलिए चुनाव के छः महीने पहले हाथ-पैर मारकर मंत्री पद ले लिया है |

शेलार जी मंत्री तो बन गए हैं लेकिन उनका जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं है | जब मुंबई भाजपा के अध्यक्ष थे तब गुंडे पालने का शौक रखते थे | निलेश पराड़कर जो कि छोटा राजन का मुंबई में पूरा काम देखता है उसे भाजपा में आमंत्रित कर संगठन का पदाधिकारी बनानेवाले यही महानुभाव थे | जब मीडिया में इस बात को लेकर हंगामा मचा तो मजबूरी में निलेश पराड़कर को हटाना पड़ा | एक नामी गैंगस्टर को संगठन का पदाधिकारी बनाने के लिए जो बेशर्मी चाहिए वो आशीष शेलार में कूट कर भरी है |

पुरानी बातों को जाने दीजिये | मंत्री जी का नया कारनामा सुनिए | सेंट ज़ेवियर कॉलेज, फोर्ट, मुंबई का एक विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए जापान जाना चाहता है | उसका वहाँ एडमिशन भी हो गया | विदेशी संस्थाएँ भारतीय विद्यार्थियों से उनके डिग्री सर्टिफिकेट्स की ट्रांसक्रिप्ट माँगती है | विद्यार्थी ने जिन दो संस्थाओं में पढ़ाई की थी वहाँ ट्रांसक्रिप्ट के लिए आवेदन कर दिया | एक संस्था ने तो तीन दिन में ट्रांसक्रिप्ट दे दिया लेकिन सेंट ज़ेवियर कॉलेज १२-१३ दिन बीतने के बाद भी ट्रांसक्रिप्ट नहीं दे रहा था | उनका कहना था कि ट्रांसक्रिप्ट देने के लिए छः महीने लगते हैं | अब ऐसे में विद्यार्थी का जापान में जो एडमिशन हुआ था वो तो कैंसिल हो जाता | बार-बार प्रार्थना करने के बाद भी सेंट ज़ेवियर कॉलेज के वाईस प्रिसिपल का ह्रदय नहीं पसीजा |

दूसरा कोई समाधान न निकालता देख विद्यार्थी और उसके कुछ शुभचिंतकों ने सोचा कि मंत्री जी से सहायता ली जाए | किसी तरह से आशीष शेलार का फ़ोन नंबर निकाला गया | उन्हें फ़ोन कर मामले की पूरी जानकारी दी गयी | ट्रांसक्रिप्ट जल्दी मिलना क्यों जरुरी है, यह उन्हें बताया गया | सब जानने के बाद मंत्री जी ने सहायता करना तो दूर उल्टा फ़ोन करनेवाले से ही बदतमीजी शुरू कर दी| उनका कहना था कि उनके पास बहुत सारे काम है | कोई भी मुँह उठाकर उन्हें फ़ोन कर दे तो ऐसे वो हर किसी का काम नहीं कर सकते | कॉलेजों की जिम्मेदारी भी उनकी नहीं है | उन्हें ट्रांसक्रिप्ट क्या होता है यह पता नहीं था, न ही बताने पर समझ आया | उन्होंने विद्यार्थी की सहायता करने से साफ़-साफ़ इनकार कर दिया | उनकी बातों में उनके मंत्रीपद का घमंड साफ़ झलक रहा था | सहायता की उम्मीद में बैठी आम जनता उनके लिए चाय में पड़ी मक्खी की तरह है जिसे चुनाव के बाद उठाकर बाहर फेंकना होता है |

बहरहाल विद्यार्थी के शुभचिंतकों ने इस मामले को फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया में उठाया | जिसके दबाव में आकर सेंट ज़ेवियर कॉलेज ने विद्यार्थी को एक दिन में उसका ट्रांसक्रिप्ट दे दिया | चलिए अंत भला तो सब भला | फिर भी मैनें सोचा चलो आप लोगों को बता दूँ कि मोदी जी का चेहरा देखकर हमने कैसे-कैसे निकम्मों को अपना वोट दे दिया है |