मनोज कोटक : नया सांसद, नई उम्मीद – ईशान्य मुंबई

manoj-kotak

अभी कुछ दिनों पहले समाप्त हुए लोकसभा चुनावों ने ईशान्य मुंबई को मनोज कोटक के रूप में एक नया सांसद दिया है | इस समय केंद्र में भी भाजपा की सरकार है | राज्य में भी भाजपा की सरकार है | मनोज कोटक भी भाजपा से ही हैं | ऐसे में स्थानीय लोगों की उम्मीदें उनसे काफी ज्यादा हैं |

मनोज कोटक सांसद बनने से पहले ३ बार नगरसेवक चुने जा चुके हैं | ऐसे में उन्हें राजनीति और समाज कार्य दोनों का तगड़ा अनुभव है | ज्यादातर नेता चुनाव के बाद एक लंबे समय तक आराम के मूड में रहते हैं | उन्हें सक्रिय होने में समय लगता है | लेकिन मनोज कोटक ने जो सक्रियता चुनाव के समय दिखाई थी, चुनाव के बाद भी उसी तरह सक्रिय है | फेसबुक में उनके आधिकारिक पेज https://www.facebook.com/ManojKotakBJP/ को देखने पर इस बात की साफ़ झलक मिलती है |

चुनाव जीते अभी कुछ दिन ही हुए हैं लेकिन उन्होंने भांडुप रेलवे स्टेशन को लाल बहादुर शास्त्री रोड से जोड़ने के लिए ईश्वर नगर के रास्ते एक नई सड़क के निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया है | ३ जून को उन्होंने महानगरपालिका अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्थानीय विधायक और नगरसेवकों के साथ मिलकर उस क्षेत्र का निरिक्षण किया है | उम्मीद है यह काम जल्दी से जल्दी शुरू होगा | इस काम के होते ही भांडुप पश्चिम से भांडुप रेलवे स्टेशन की तरफ जानेवाले यात्रियों को काफी आराम मिलेगा | इसके अलावा पवई तालाब के पास वृक्षारोपण तथा सफाई अभियान में भी वो शामिल हुए हैं | रोज किसी न किसी जनसंपर्क अभियान में शामिल होकर वो बाकी नेताओं के लिए बढ़िया उदाहरण पेश कर रहे हैं |

मैं स्वयं उनके पास कुछ स्थानीय समस्याओं को लेकर जानेवाला हूँ | इससें तीन मुख्य समस्याएँ निम्नलिखित है :

  • लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर फूटपाथ बनाने का काम चल रहा है | लेकिन यह फूटपाथ कई जगह खंडित है तो कई जगह कांट्रेक्टर ने पत्थर, मिटटी, पेवर ब्लाक के टुकड़े रख छोड़े हैं, तो कई जगह उन फूटपाथों पर अभी से अतिक्रमण हो चुका है | दक्षिण मुंबई में बने फूटपाथों से तुलना करने पर हमको पता चलता है कि किस तरह दोयम दर्जे का काम हुआ है |
  • मेट्रो के काम की वजह से लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पूरी तरह जाम रहता है | मेट्रो के काम को गति देकर जल्दी से जल्दी रास्ता साफ़ किया जाए | २०१९ की वर्षा तो इस सड़क से गुजरने वालों के लिए भयंकर गुजरेगी ही | २०२० में भी ऐसा न हो, इसकी कोशिश करनी है |
  • कांजुर मार्ग पूर्व में बने डंपिंग के कारण कांजुर पूर्व तथा विक्रोली पूर्व के निवासियों का जीना दूभर हो गया है | सब लोग चाहते हैं कि इस डंपिंग ग्राउंड को हटाया जाए | मुझे पता है कि इस समस्या का समाधान मुश्किल है | लेकिन क्या पता मनोज कोटक इस समस्या को सुलझाने के लिए कोई दूरगामी उपाय खोज लें |

इसके अलावा कुछ छोटे-मोटे स्थानीय मुद्दे हैं | जो एक-एक कर उनके सामने ले जाऊँगा | इस दिशा में आगे जो भी प्रगति होगी, उसकी जानकारी पाठकों को देता रहूँगा |

कार्यकर्ताओं की अनदेखी और पैसे का घमंड ले डूबा चंदन शर्मा को, सुर्यानगर से पत्नी चुनाव हारी

chandan-sharma-and-sudhir-singh-2
Chandan Sharma and Sudhir Singh

जैसा कि आप सब जानते हैं कल चुनाव के नतीजे का दिन था | कई लोगों को जीत की ख़ुशी मिली तो कईयों को हार का गम झेलना पड़ा | कई दिग्गज, जिन्हें कभी हराना असंभव माना जाता था, उन्हें भी हार का मुँह देखना पड़ा | ऐसे लोगों में से एक है वार्ड क्र. १२० के राष्ट्रवादी कांग्रेस की उम्मीदवार चारु चन्दन शर्मा |

आप लोगों की जानकारी के लिए बता दूँ चारु शर्मा के पति चंदन शर्मा लंबे समय से पवई के नगरसेवक रहे हैं | उनकी लोकप्रियता का यह आलम था कि लोग कहते थे हाथी का पैर हिलाया जा सकता है पर चंदन शर्मा को पवई में हराया नहीं जा सकता | शर्मा जी भी खुद को किसी राजा से कम नहीं समझते थे | पैसे का जोर और लोकप्रियता दोनों उनके सर चढ़कर बोलता था | वो शायद भूल गए थे कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता |

वक्त ने करवट बदला | उनका चुनाव क्षेत्र जिस विभाग में आता था उसमें परिवर्तन हुआ | पवई का काफी भाग उनके क्षेत्र से अलग हो गया और विक्रोली पश्चिम का सुर्यानगर उसमें जुड़ गया | उनका विभाग भी महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया | इसलिए इस बार उन्होंने पार्टी से अपनी पत्नी को टिकट दिला दिया | पर मुख्य परेशानी यह थी कि इस बार का चुनाव क्षेत्र शर्मा जी के लिए काफी नया था | और इतने दिन आसानी से चुनाव जीतने के कारण चंदन शर्मा जी चुनाव लड़ने की कला भी भूल गए थे |

पार्टी से टिकट मिलते ही चंदन शर्मा जी ने सुर्यानगर में अपना जादू चलाना शुरू किया | पैसे का जोर दिखने लगा | जिस तरह गुड को चींटियाँ घेर लेती है, उसी तरह सुर्यानगर के कई तथाकथित राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने चंदन शर्मा को घेर लिया | शर्मा जी ने पैसा भी दोनों हाथों से बहाया | नतीजा – बड़ी-बड़ी रैलियाँ निकलने लगी | शर्मा जी को लगा कि उन्होंने मैदान मार ही लिया | उन्हें यह बात समझ में नहीं आई कि जिन लोगों को वो साथ में लेकर घूम रहे हैं उनकी समाज में छवि अच्छी नहीं है | उनके बोलने पर तो उनके घरवाले भी वोट नहीं देंगे, दूसरों की तो छोडिये |

amjad-ali
Amjad Ali

सुर्यानगर में राष्ट्रवादी कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में सुधीर सिंह और अमजद अली का नाम गिना जाता है | अपनी स्वच्छ छवि के कारण ये दोनों स्थानीय लोगों में काफी लोकप्रिय हैं | उन्होंने देखा कि चंदन शर्मा का व्यवहार पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मानजनक नहीं है | वो ऐसे लोगों से घिरे रहते हैं जिनका पार्टी से अब तक कोई लेना-देना नहीं था | जो सिर्फ पैसे की उम्मीद से चंदन शर्मा से जुड़े थे | उन्होंने यह बात शर्मा जी को समझाने की कोशिश की पर कोई लाभ नहीं हुआ | उनके घमंड ने उनका कान बंद कर रखा था, उन्होंने एक न सुनी | चंदन शर्मा अपनी हरकतों से बार-बार यह दिखाने की कोशिश कर रहे थे कि उन्हें पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं की कोई जरूरत नहीं है | वो अपने पैसे के दम पर चुनाव जीत लेंगे |

चंदन शर्मा के इस व्यवहार से नाराज होकर सुधीर सिंह और अमजद अली ने चुनाव में उनका पूरी तरह बहिष्कार कर दिया | दोनों एक बार भी चंदन शर्मा के प्रचार के लिए नहीं उतरे | अन्य स्थानीय कार्यकर्ता भी सुधीर सिंह से सहमत थे पर उन्होंने सीधे तौर पर चंदन शर्मा से कुछ नहीं कहा | वो मूक रूप से असहयोग करते रहे | कोई समझदार व्यक्ति होता तो कार्यकर्ताओं के ठंडे व्यवहार से स्थिति भाँप लेता, पर पैसे का घमंड चंदन शर्मा जी को न कुछ देखने दे रहा था और न सुनने |

इन सब का कुल मिलाकर जो नतीजा होना था वही हुआ | वार्ड क्र. १२० से चारु चंदन शर्मा चुनाव हार गई, वो भी एक बड़े अंतर से | शर्मा जी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वो इतने बड़े अंतर से चुनाव हार सकते हैं | पर उनके लिए यह बहुत बड़ा सबक है | पैसे के दम पर छुटपूंजें अपराधियों और बेरोजगारों की सेना लेकर घूमने से चुनाव नहीं जीता जाता | वर्षों से पार्टी के साथ ईमानदारी से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी करना बहुत बड़ी बेवकूफी है | उम्मीद है चंदन शर्मा जी इस बात को अगले चुनाव तक याद रखेंगे |