भू माफिया शिवसेना नेता द्वारा आरे की जमीन पर गैरकानूनी कब्जा, आरे बचाओ के नाम पर एक और धोखा

शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी (मध्य मे)
शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी (मध्य मे)

महाराष्ट्र की शिवसेना – काँग्रेस – राष्ट्रवादी सरकार मुंबई वासियों के साथ पर्यावरण बचाने के नाम पर किस तरह धोखा कर रही है, इस बात को मैनें अपने पिछले दो लेखों द्वारा साबित कर दिया था | यदि आपने वो लेख न पढे हो तो यह रहा उनका लिंक :

  1. आरे बचाओ के नाम पर मुंबई वासियों के साथ धोखा, शिवसेना नेता ने बनाया आरे को डम्पिंग ग्राउंड
  2. कांजुर मार्ग मुंबई में कनाकिया बिल्डर की मनमानी, रातों रात काटे सैकड़ों पेड़

इस लेख में मैं इसी बात के और सबूत देते हुए बताने जा रहा हूँ कि शिवसेना सरकार का इरादा आरे बचाना नहीं आरे हड़पना है | प्रस्तुत दोनों विडिओ को ध्यान से देखिए :

आरे के यूनिट क्र 19 मे जंगलों के बीचोंबीच पेड़ काटकर झोंपड़ों का निर्माण किया जा रहा है | इन झोंपड़ों को चोरी की बिजली और पानी का कनेक्शन भी मिल जाता है | इसके बाद इन झोंपड़ों को 15-20 लाख मे बेच दिया जाता है | आपको आरे के जंगलों मे इस तरह के नए-नए सैकड़ों झोंपड़े दिख जाएँगे | भूमाफिया / भरणीमाफिया शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी खूँखार अपराधी सेल्वाकुमार और कन्नन चिन्ना दुराई के साथ मिलकर जोरों शोरों से इन गैरकानूनी झोंपड़ों का निर्माण कर रहा है और हर महीने करोड़ों रुपये कमा रहा है | इसी पैसे की ताकत है कि इस गैरकानूनी निर्माण को न वहाँ कि पुलिस रोकती है न आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी | ऐसे दर्जनों विडिओ और फोटो है मेरे पास |

ऐसा नहीं है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुछ भी नहीं करते | उनको यह तो दिखाना है ही कि वो अपना काम कर रहे है | तो कभी-कभी इन झोंपड़ों को तोड़ने की कार्रवाई होती है लेकिन उसको आधा अधूरा तोड़ जाता है | दशरथ घाड़ी उन झोंपड़ों का पुनर्निर्माण कर फिर उन्हें बेच देते है | उसके बाद फिर कोई कार्रवाई नहीं होती | मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पेपर पर दिखाने के लिए अपना काम भी कर लिया और जमीन बेचकर पैसे भी मिल गए | दोनों हाथ मे लड्डू | वैसे भी भूमाफिया / भरणीमाफिया शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी पर कार्यवाही करने की हिम्मत कौन करे ? सत्ता शिवसेना की है |

कोई सोच सकता है कि इस गैरकानूनी निर्माण के समय पुलिस क्या कर रही है | मरोल पुलिस भी अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभा रही है | वो हर उस व्यक्ति को पुलिस स्टेशन बुला लेती है जो भूमाफिया / भरणीमाफिया शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी के गैरकानूनी कार्यों  के खिलाफ आवाज उठाता है | पुलिस वहाँ होनेवाले गैरकानूनी डम्पिंग को , अवैध निर्माण को तो रोक नहीं पा रही है | न ही वो खूँखार अपराधी कन्नन को गिरफ्तार कर पा रही है | तो वो शिकायत करनेवाले का ही मुँह बंद करने मे भरोसा करती है |

आज के लिए इतना ही | ईभारत पढ़ते रहिए | मैं आगे भी आरे के जंगलों मे चलनेवाली इन गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी आपको देता रहूँगा  |

 

आरे बचाओ के नाम पर मुंबई वासियों के साथ धोखा, शिवसेना नेता ने बनाया आरे को डम्पिंग ग्राउंड

शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधियों सेल्वाकुमार (दाएँ से अंतिम) और कन्नन चिन्ना दुराई (बाएँ से अंतिम) के साथ
शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधियों सेल्वाकुमार (दाएँ से अंतिम) और कन्नन चिन्ना दुराई (बाएँ से अंतिम) के साथ

मुंबई के आरे मे बननेवाले मेट्रो के कारशेड को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि प्रदेश की शिवसेना-काँग्रेस-राष्ट्रवादी सरकार ने मेट्रो कारशेड को आरे से हटाकर कांजूर मार्ग मे बनाने का निर्णय लिया है | इस प्रक्रिया मे आम जनता पर चार हजार करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा | इससे आगे चलकर मेट्रो महँगा भी होगा और उसे बनाने मे कई वर्षों की देरी भी होगी | मेरे पहले लेख ” फिल्मसिटी को हाँ पर मेट्रो कारशेड को ना, आरे बचाओ के नाम पर समाज को गुमराह करने की कोशिश ” के द्वारा मैंने यह बताया था कि आरे बचाने के नाम पर किस तरह हम लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है | इस लेख और आनेवाले कई लेखों द्वारा मैं इस बात को और भी स्पष्ट रूप से साबित कर दूँगा |

मुंबई मे जब भी किसी पुरानी इमारत को तोड़ा जाता है तो उसके मलबे को ठिकाने लगाना बिल्डर के लिए एक बड़ी समस्या रहती है | मलबे को ठिकाने लगाने की कानूनी प्रक्रिया काफी महँगी होती है | इसलिए बिल्डर भरनी माफिया के साह मिलकर, पुलिस और BMC कर्मचारियों को रिश्वत देकर कहीं न कहीं इमारत का मलबा गैरकानूनी तरीके से डम्प करा देता है | फिलहाल आरे के जंगल बिल्डरों के लिए डम्पिंग ग्राउंड बने हुए हैं |

प्रस्तुत विडियो को ध्यान से देखिये | यह चार दिन पहले रेकॉर्ड किया गया है | यह इलाका आरे का वो भाग है जो जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड से जुड़ा हुआ है | इसमें आपको इमारतों का ढेर सारा मलबा दिख रहा होगा | यह मलबा रोज रात को ट्रकों में भरकर आता है और आरे मे डम्प कर दिया जाता है | आरे मे पचासों जगह पर आपको इस तरह के मलबे का ढेर दिखाई देगा | इस मलबे के कारण आरे के पेड़ पौधे तहस – नहस हो रहे हैं |
(जल्दी ही आरे के कुछ अन्य स्थानों के इसी तरह के विडियो अपलोड करूँगा और इस लेख मे जोड़ दूँगा |)

शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी (मध्य मे) दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधियों सेल्वाकुमार (बाईं तरफ) और कन्नन चिन्ना दुराई (दायीं तरफ) के साथ
शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी (मध्य मे) दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधियों सेल्वाकुमार (बाईं तरफ) और कन्नन चिन्ना दुराई (दायीं तरफ) के साथ

आरे मे होनेवाली इस गैरकानूनी डम्पिंग मे सेल्वाकुमार और कन्नन चिन्ना दुराई जैसे दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधियों का हाथ है | यह दोनों शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी के इशारे पर आरे मे डम्पिंग कराते हैं | दशरथ घाड़ी शिवसेना के महाराष्ट्र राज्य माथाड़ी आणि जनरल कामगार सेना का संयुक्त सचिव है | उसके प्रभाव मे आकर स्थानीय पुलिस और आरे के पदाधिकारी मामले मे कोई कारवाई नहीं करते | कोई कारवाई नहीं करते ऐसा कहना सही नहीं है | जब भी कोई जागरूक नागरिक या पत्रकार मामले की शिकायत करते हैं तो एक केस दर्ज कर लिया जाता है | सेल्वाकुमार और कन्नन चिन्ना दुरई पर भी केस दर्ज हुए हैं पर डम्पिंग जैसे की तैसे चलती रहती है | वो कभी नहीं रुकती |

इस पूरे मामले से आप समझ जाइए कि आरे बचाने की सिर्फ नौटंकी हो रही है | आरे के जंगल अब भी नहीं बचेंगे लेकिन अब वो आम आदमी के काम नहीं आएगा | अब वो नेताओं की जेब भरकर नष्ट होगा | और डम्पिंग इकलौता मामला नहीं है | आनेवाले लेखों मे मैं कई और मामले बताऊंगा जो यह स्पष्ट कर देगा कि आरे को अंदर से खोखला करने की पूरी तैयारी हो चुकी है |

( लेखक : सुधीर सिंह, विक्रोली पश्चिम, मुंबई)

दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधी कन्नन चिन्ना दुराई
दुर्दांत, वांटेड और तड़ीपार अपराधी कन्नन चिन्ना दुराई
शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी का महाराष्ट्र राज्य माथाड़ी आणि जनरल कामगार सेना के संयुक्त सचिव पद पर नियुक्ति
शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी का महाराष्ट्र राज्य माथाड़ी आणि जनरल कामगार सेना के संयुक्त सचिव पद पर नियुक्ति

ठरकीयों और चरित्रहीनों के परम मित्र कुनाल कामरा देंगे भारतीयों को लोकतंत्र और राजनीति का ज्ञान

kunal-kamra

पता नहीं आप लोगों में से कितने लोग कुनाल कामरा को जानते हैं ! थोड़ा बहुत मैं बता देता हूँ | कुनाल कामरा जी स्टैंड अप कॉमेडियन हैं | वही स्टैंड अप कॉमेडी जिसमें स्टेज पर अश्लील बातें और गन्दी-गन्दी गालियाँ देकर लोगों को हँसाया जाता है | कुनाल जी कॉमेडी के साथ-साथ पार्ट टाइम राजनेता भी है | कट्टर मोदी विरोधी हैं | अपनी कॉमेडी से समय-समय पर मोदी और भाजपा पर व्यंग्य कसना इनका पसंदीदा काम है | वामपंथियों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं |

कुनाल कामरा जी आज कल राजनीति में बहुत ज्यादा सक्रिय हैं | अपने ट्विटर हैंडल द्वारा और दूसरे मीडिया स्रोतों के द्वारा वो हम भारतीयों को बताते रहते हैं कि मोदी सरकार ने कश्मीर में गलत किया | मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन क़ानून [ Citizenship (Amendment) Act, 2019 ] बनाकर गलत किया | और भी दुनिया भर का मोदी विरोध में रोना उनका हमेशा जारी रहता है |

मुझे बड़ी ख़ुशी है कि कुनाल कामरा जैसा परम बुद्धिमान और चरित्रवान व्यक्ति लोकतंत्र और राजनीती के क्षेत्र में हम भारतीयों का मार्गदर्शन कर रहा है | तन्मय भट्ट, गुरसिमरन खम्भा, उत्सव चक्रवर्ती, अदिति मित्तल जैसों के साथ रहकर कुनाल कामरा जी अच्छे और बुरे को पहचानना सीख गए हैं | अब आप सोचेंगे कि यह नए चार लोग कौन है ! यह चारों स्टैंड अप कॉमेडी के गन्दी नाली (AIB – आल इंडिया बकचोद उर्फ़ Send Nudes ग्रुप) से निकले वो जीव हैं जिन्होनें कुछ सालों में ऐसी गंदगी फैलाई कि MeToo Movement के दौरान त्राहि-त्राहि मच गई थी |

जिन पाठकों को MeToo Movement के बारे में पता न हो उनकी जानकारी के लिए बता दूँ – MeToo Movement में लड़कियों और लड़कों ने अपने साथ हुए अश्लील हरकतों और और शारीरिक शोषण का खुलासा किया था | इस खुलासे के दौरान AIB – आल इंडिया बकचोद (उर्फ़ Send Nudes ग्रुप) नामक स्टैंड अप कॉमेडी ग्रुप पर इतने आरोप लगे कि उन्हें अपना ग्रुप बंद कर देना पड़ा | यह ग्रुप उस समय तक काफी सफल था | तन्मय भट्ट, गुरसिमरन खम्भा, उत्सव चक्रवर्ती, अदिति मित्तल आदि महारथी उसी ग्रुप से है | दूसरों को नंगी तस्वीरें भेजना, बच्चियों के बलात्कार की बातें करना, जबरदस्ती किस्स करना आदि-आदि आरोप इन महारथियों पर इनके ही साथियों ने लगाए थे |

कुनाल कामरा जी ने इनके साथ काम किया | खूब पैसा बनाया, नाम कमाया | इन चारों की गंदी हरकतों के बारे में भी उन्हें पूरा पता था | कुनाल जी ने कानोंकान किसी को खबर नहीं होने दी | इसे कहते हैं सच्चा दोस्त ! दोस्ती के अलावा कुनाल जी व्यावहारिक मनुष्य हैं | उन्हें पता है कि बाप बड़ा न भैय्या, सबसे बड़ा रुपैय्या | इसलिए कमाई पर आँच आने नहीं दी | लेकिन फिर MeToo Movement में इनके साथियों का नाम आने लगा | यह भी पता चला कि इन्हें मामले की पूरी जानकारी थी | अब कुनाल जी पड़े मुसीबत में | उन्होंने तुरंत मीडिया को बुलाकर बयान दिया कि आरोप तो सच हैं और जब भी उन्हें इन आरोपों के बारे में पता चलता, वो AIB – आल इंडिया बकचोद वालों को खूब डाँटते | इसी वजह से AIB ने इतने वर्षों में सिर्फ ३०-४० लोगों का शोषण किया | यह न होते तो ३००-४०० लोगों का शोषण हो जाता | उनके इतने बयान देने भर की देर थी, वामपंथी मीडिया ने इन्हें दुबारा हीरो बना दिया |

अब आप ही सोचिये कि AIB – आल इंडिया बकचोद (उर्फ़ Send Nudes ग्रुप) जैसे गंदे नाले में जाकर पैसा कमाकर साफ़ निकल जाने की कला जाननेवाले कुनाल कामरा की बात हम लोगों को माननी चाहिए या नहीं ! इसमें हमारा ही फायदा है | मैनें तो तय कर लिया है कि अपना अगला वोट इनके सुझाव के अनुसार ही दूँगा | आज से कुनाल जी ही मेरे राजनैतिक गुरु हैं | आप लोगों की अतिरिक्त जानकारी एक लिए बता दूँ कि छोटी बच्ची के बलात्कार की बात करनेवाले तन्मय भट्ट के साथ काम करना कुनाल कामरा जी ने MeToo Movement के बाद भी जारी रखा है | आखिर – बाप बड़ा न भैय्या, सबसे बड़ा रुपैय्या |