केंद्रीय विद्यालय भांडुप, मुंबई का रसायनशास्त्र (chemistry) का प्रश्नपत्र हुआ लीक

kendriya-vidyalaya-bhandup
आज तक मैं आपको नौसेना पुराण सुनाता आया हूँ | आज से केंद्रीय विद्यालय पुराण भी शुरू किया जाए | इस विद्यालय में इतनी मजेदार-मजेदार घटनाएँ होती हैं कि सुन-सुनकर मेरा दिल बाग़-बाग़ हो जाता है | अब ऐसी घटनाओं का आनंद मैं अकेले लूँ और पाठकों के साथ न बाँटूं, ऐसा मेरा ह्रदय नहीं मानता | आज का लेख भी एक मजेदार घटना से शुरू करते हैं |

पाठकों में से जो डाकयार्ड कॉलोनी के हैं, उनको तो पता ही होगा कि अभी कुछ दिनों पहले केंद्रीय विद्यालय भांडुप में परीक्षाएँ हुई थी | ( जिन्हें विद्यालय के बारे में पता न हो, उनकी जानकारी के लिए बता दूँ कि यह विद्यालय डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग, मुंबई – ७८ में है और भारतीय नौसेना के अंतर्गत आता है | ) उस परीक्षा में संयोग से कक्षा ग्यारहवी के कुछ विद्यार्थियों की लाटरी खुल गई | परीक्षा से पहले उनके हाथ रसायनशास्त्र (chemistry) का प्रश्नपत्र लग गया | बस उनकी निकल पड़ी | ५० में से ४० से अधिक अंक मिले | कक्षा में सर्वाधिक अंक भी आ गए |

Principal Pramila Pal
Principal Pramila Pal

अब आप लोगों के मन में जिज्ञासा होगी कि उनके हाथ रसायनशास्त्र का प्रश्नपत्र लगा कैसे ! केंद्रीय विद्यालय में होनेवाली ज्यादातर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र जैविकशास्त्र (Biology) की प्रयोगशाला (Laboratory)में रहते हैं | यह बात ज्यादातर विद्यार्थियों को पता है | उस प्रयोगशाला में दो शिक्षक कभी रहते हैं तो कभी नहीं भी रहते | कुछ विद्यार्थी सही मौके की ताक में रहते हैं | जैसे ही प्रयोगशाला में कोई नहीं रहा, वो वहाँ से पूरे प्रश्नपत्र कि नक़ल कर लेते हैं या फिर मोबाइल से उसकी तस्वीर निकाल लेते हैं | कई बार तो शिक्षकों के लैपटॉप से भी विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र की नक़ल ले ली है |

यह सब पढ़कर आपके मन में फिर प्रश्न उठता होगा कि विद्यालय प्रशासन और मुख्याध्यापिका श्रीमती प्रमिला पाल इस मामले में क्या कर रही हैं ! वही जो नेवल डाकयार्ड में हमारे एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट श्री संजीव काले जी कर रहे हैं — गोल-गोल बातें करना, भाषण देना, मलाई कमाना और संस्था का सत्यानाश करना | उनको सब पता है कि विद्यालय में क्या हो रहा है पर वो बिलकुल निर्लेप होकर चुकी है | अपनी जेब भर जाए तो दुनियादारी से क्या ? विद्यालय में एक से बढ़कर एक कई गंभीर घटनाएँ हुई हैं पर आज तक प्रमिला जी ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की | आगे करेंगी, ऐसी भी कोई उम्मीद नहीं है | शायद उनमें करने का साहस भी नहीं | जो स्वयं कीचड में धँसा हो, वो दूसरों की गंदगी की ओर इशारा कैसे करेगा | बाकी विद्यालय प्रशासन भी नकारा लोगों से भरा पड़ा है | सब एक से बढ़कर एक कामचोर | मुफ्त की तनख्वाह उड़ा रहे हैं और विद्यालय को गर्त में धकेल रहे हैं |

समय कि कमी के कारण इस विषय में और अधिक नहीं लिखुंगा | पर इस घटना के अलावा भी दर्जनों और घटनाएँ हैं | अब जब केंद्रीय विद्यालय पुराण शुरू हो चुका है तो सुनाता रहूँगा | आप भी पढ़ के आनंद लेते रहिये |

4 thoughts to “केंद्रीय विद्यालय भांडुप, मुंबई का रसायनशास्त्र (chemistry) का प्रश्नपत्र हुआ लीक”

  1. [email protected]
    I THINK YOU ARE MORE JOBLESS THAN THE PRINCIPAL, WRITING THESE LONG ARTICLES AND NOT MENTIONING THE PROOF CAN ONLY MEAN EITHER YOU ARE LYING BY SPREADING THE RUMOR OR EVEN YOUR HANDS ARE DIRTY IN A WAY.
    ALSO I WOULD MENTION THAT THIS TIME THE CHEMISTRY PAPER WAS MADE BY A NEW TEACHER WHO DIDN’T DISCLOSE WHERE IT WAS KEPT

    1. Yes my friend Hridesh Kamal, the author don’t know complete truth. Paper did not get leaked from Biology Lab. Muthturaj mailed it from Bio teachers laptop to his mail. And then your entire group got the paper. The author is outsider but I am your classmate. I Know. Entire class know.

      You, Muthut, Nikita, Tushal, Sakshi, Hrisikesh, Mannu and Muskan got the paper.

      You are correct about the Principal too. She is a dumb lady. She knows you guys got the paper and still covering it. And the amount of nautanki she do is really unbearable.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *