चौकीदार नरेंद्र मोदी गरीब चौकीदारों को भारतीय नौसेना के शोषण से बचाने में असमर्थ, चौकीदारों को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की शरण में जाना पड़ा

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सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने चुनाव के उद्देश्य से भले ही चौकीदार शब्द का जोरदार प्रयोग शुरू कर दिया हो लेकिन जमीनी तौर पर वो वास्तविक चौकीदारों की किसी भी तरह से सहायता नहीं कर रहे हैं | सोशल मीडिया पर तो उनके कई समर्थक चौकीदार बन गए हैं लेकिन वास्तविक जीवन में कोई भी गरीब चौकीदारों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा |

मामला मुंबई के कांजुरमार्ग पश्चिम में स्थित डाकयार्ड कॉलोनी का है | यह कॉलोनी नौसेना के अंतर्गत आती है | इस कॉलोनी के प्रशासनिक अधिकारी भारतीय नौसेना के कप्तान उस्मानी हैं | कॉलोनी में लगभग पैंतीस से चालीस चौकीदार काम करते हैं | लेकिन नौसेना के अधिकारी पचपन से साठ चौकीदार दिखाकर, उनका झूठा ओवरटाइम दिखाकर खूब हराम की कमाई खाते रहे हैं | यहाँ तक तो ठीक था लेकिन पिछले कुछ समय से नौसेना के अधिकारी इन चौकीदारों का पगार भी समय पर नहीं दे रहे हैं | डेढ़ वर्ष में चौकीदार ४ बार हड़ताल कर चुके हैं लेकिन नौसेना अधिकारियों के कानों पर जू भी नहीं रेंगती |

नेवी कॉलोनी में मनसे पदाधिकारी के साथ चौकीदारों की चर्चा
नेवी कॉलोनी में मनसे पदाधिकारी के साथ चौकीदारों की चर्चा

इस बार भी सारे चौकीदार १९ मार्च २०१९ से हड़ताल पर हैं | उन्हें इस बार तीन महीने की पगार नहीं मिली है | वैसे भी नौसेना उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन का ५०% ही देती है | उनके प्रोविडेंट फण्ड और इन्सुअरंस का पैसा भी नौसेना के अधिकारी दारू तथा ऐय्याशी में उड़ा देते हैं | जो बचा हुआ आधा वेतन मिलता था वो भी पिछले तीन महीने से नहीं मिला | इस मामले की शिकायत कई बार प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री तथा नौसेना के उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ | ऐसे में सिक्यूरिटी गार्डों ने अब राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से सहायता माँगी |

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारियों ने तुरंत सक्रिय होकर कांट्रेक्टर तथा नौसेना प्रशासन पर दबाव बनाया तो उन्होंने एक सप्ताह के अंदर पूरा वेतन देने का वादा किया है | मनसे के पदाधिकारियों ने कहा है कि यदि एक सप्ताह में वेतन नहीं मिला तो फिर वो मनसे स्टाइल में न्याय दिलाएंगे |

इस घटनाक्रम के बाद मुझे उम्मीद है कि नौसेना के भ्रष्ट अधिकारियों को थोड़ी शर्म आएगी | अपना जमीर तो वो पहले ही बेच चुके हैं, देश रोज बेच रहे हैं और गरीबों के थाली से रोटी चुराना भी जारी है | हराम की रोटी तोड़-तोड़कर उनकी बुद्धि भी भ्रष्ट हो चुकी है | ऐसा न होता तो इतनी इज्जत उछलने के बाद भी क्या वो इस तरह गरीबों का शोषण जारी रखते ?

चौकीदार नरेंद्र मोदी और उनके समर्थक चौकीदार पूरे मामले में सो ही रहे हैं | इस जन्म में उनकी नींद खुलने की उम्मीद भी नहीं है |

बाकि पाठक नौसेना अधिकारियों से ज्यादा उम्मीद न रखे, उनका नौसेना का सही चरित्र जानना है तो यह लेख जरुर पढ़ें :

(आजके लिए इतना ही काफी है | बाकी किसी और दिन | नौसेना के भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ebharat.net | मुझसे संपर्क करके अपने विचार जरुर बताएँ | मेरा मेल है : [email protected])

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