घाटकोपर के रिश्वतखोर पुलिस कांस्टेबल ताजने ने आरोपी को पुलिस स्टेशन से भगाया

ghatkopar-police-stationआज पढ़िए मुंबई पुलिस के भ्रष्ट कर्मचारियों का एक नया कारनामा | जैसा कि पाठक गण जानते हैं कि रिश्वतखोरी में मुंबई पुलिस पहले ही सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है | पहले वो बेईमानी का काम परदे के पीछे से किया करते थे | आजकल उनकी इतनी हिम्मत बढ़ गयी है कि खुले आम रिश्वत खोरी करने लगे हैं | आपको सात जून को घटी ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ |

विद्याविहार के स्टेशन रोड के आस-पास एक रिक्शा चालाक ने अपनी लापरवाही से बाइक सवार को ठोकर मार दिया और फिर बिना रुके अपनी रिक्शा घुमाई और ट्राफिक की विपरीत दिशा में रिक्शा चलाकर भागने लगा | वो लगभग १०० मीटर ही भागा होगा कि आस पास के लोगों ने उसे दौड़कर पकड़ लिया | कांस्टेबल ताजने भी वहीँ आसपास थे | वो तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने रिक्शाचालक को पकड़ लिया | दुर्घटना में बाइक सवार कृष्णा पुजारी को चोट लगी और बाइक को भी काफी नुकसान पहुँचा |

कांस्टेबल ताज़ने ने बाइक सवार को पुलिस स्टेशन आने को कहा और खुद उस रिक्शाचालक के रिक्शा में बैठकर पुलिस स्टेशन की तरफ निकले | बाइक सवार ने ताजने जी से कहा कि रिक्शाचालक एक बार भागने की कोशिश कर चूका है | दोबारा कर सकता है | तो वो बोले “मैं कोई हिजड़ा हूँ क्या जो ये मुझ से छूटकर भाग जाएगा ?”

उसके बाद बाइक चालक, कांस्टेबल ताज़ने और रिक्शाचालक तीनों पुलिस स्टेशन पहुँचे | पुलिस स्टेशन के बाहर कांस्टेबल ताज़ने ने रिक्शाचालक से कुछ बातचीत की और वो वहीँ से चला गया | उसे पुलिस स्टेशन के अंदर कदम तक रखने की जरुरत नहीं पड़ी | इसके विपरीत बाइक सवार को घंटों पुलिस स्टेशन में बिठाए रखा | सब इंस्पेक्टर पारधी ने बाइक सवार को कहा कि वो FIR कराने के झंझट में न गिरे | इससे उसकी बाइक महीनों तक पुलिस के कब्जे में रहेगी | उसे बार-बार पुलिस स्टेशन आना पड़ेगा, कोर्ट जाना पड़ेगा | वो बाइक सवार को लगातार FIR न करने का सुझाव देते रहे |

लेकिन फिर भी बाइक सवार FIR कराने पर अड़ा रहा | तो उसे मेडिकल के लिए भेजा गया | मेडिकल कराकर आने के बाद सब इंस्पेक्टर पारधी ने यह कहकर FIR करने से मना कर दिया कि सीनियर इंस्पेक्टर ने FIR लेने से मना किया है | इससे नाराज होकर बाइक सवार ने पारधी जी से पूछा कि “आरोपी को तो आप लोगों ने छोड़ दिया है, कार्रवाई कैसे करेंगे ?” तो वो बोले कि “उसका रिक्शा यहीं है | कभी तो लेने आएगा | तब उसे दुबारा पकड़ लेंगे |”

यह सब होते-होते बारह से चार बज गए | आरोपी पुलिस स्टेशन से गायब और पीड़ित व्यक्ति परेशान होता रहा | इस तरह से हमारी घाटकोपर पुलिस काम करती है | कांस्टेबल ताजने ने कहा था वो हिजड़ा नहीं है | अब उनका बिना मेडिकल कराये इस बात की पुष्टि तो नहीं हो सकती | पर वो एक नंबर के रिश्वतखोर हैं इसमें कोई शक नहीं है | दिन दहाड़े आरोपी को पुलिस स्टेशन से भगाकर माल कमा रहे हैं | उनके साथ-साथ सब इंस्पेक्टर पारधी को भी सरकारी तनख्वाह कम पड़ रही है | बेचारे रिश्वत के पैसे से घर चला रहे हैं | भगवान ही बचाए घाटकोपर की जनता को ऐसे भ्रष्ट पुलिसवालों से |

2 thoughts to “घाटकोपर के रिश्वतखोर पुलिस कांस्टेबल ताजने ने आरोपी को पुलिस स्टेशन से भगाया”

  1. Same cheez mere sath Hui, mera mobile chori hua tha. Chor Ko Maine hi pakda tha aur police station leke gaya. But mujhe bhi same cheez bole mobile jama hoga, court mein aana hoga jab bhi bulayenge. Kharcha hoga advocate ka court ka, time pass hoga. Usse acha fIR mat karo. Hum chor Ko nanga karke marenge. Next time chori nahi karega. 2 hours k time k pass main Ghar pe as gaya. Woh log ne Complient bhi nahi likhe. Chor k sath setting kiye honge. Ghatkopar police station. Chirag Nagar. Raat k 12 baje se 2 baje k bich.

  2. He police Garib and Maharashtrian lokana ghabravate ani Aaropi Kaduna paise ghete.sale chor fakt garibana dumdati and shivya dyayala sanga hya bhadvyana

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