युद्धपोत प्रलय में लगी आग और नौसेना का झूठ

Picture taken from Google images / used for representation purpose only
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परसों अर्थात दस जनवरी को नेवल डाकयार्ड, मुंबई में एक और दुर्घटना हुई | दोपहर ११.४० के आसपास आईएनएस प्रलय में आग लग गई | तुरंत डाकयार्ड के अग्निशमन विभाग को बुलाया गया और आग बुझाने की कोशिश की जाने लगी | कई घंटों की मशक्कत के बावजूद आग को काबू नहीं किया जा सका | बेतवा के बाद देश का एक और युद्धपोत बरबाद होने के रास्ते पर था |

ऐसे में उम्मीद तो यही थी कि नौसेना आग को बुझाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देगी | पर मुझे इस बात पर शक है | मुंबई अग्निशमन दल को सहायता के लिए क्यों नहीं बुलाया गया यह मेरी समझ में नहीं आ रहा है | नौसेना ने प्रेस नोट या किसी अन्य तरीके से मीडिया और जनता को दुर्घटना के बारे में कुछ बताया भी नहीं | मामले को चुपचाप निपटाने की कोशिश की गई | पर इतनी बड़ी दुर्घटना को छिपाना आसान नहीं था |

शाम के साढ़े चार बजे के आस पास मीडिया के किसी व्यक्ति को कहीं से यह खबर लग गई कि आईएनएस प्रलय में आग लग गई है | तुरंत व्हाट्सएप्प पर यह खबर घूमने लगी | मीडिया के ग्रुप्स में नौसेना के जनसंपर्क अधिकारी से प्रश्न पूछे जाने लगे | आखिर दबाव में आकर उन्हें मीडिया को जानकारी देनी पड़ी | जानकारी तो क्या थी, झूठ का पुलिंदा था | आप लोग खुद ही पढ़िए |

Dear Sir / Madam,

There was a minor fire today on-board INS Pralaya a missile vessel which is undergoing refit at Naval Dockyard Mumbai. The fire was reported in the gyro compartment and was subsequently brought under control with the assistance of Dockyard fire brigade.  There were no injuries to any personnel.

Regards 

Cdr Rahul Sinha

पाँच बजे के आस पास यह संदेश सारे मीडिया कर्मियों को व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में दिया गया | इस संदेश के अनुसार शाम पाँच बजे तक डाकयार्ड अग्निशमन की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया था | मेरे ज्यादातर पाठक नेवल डाकयार्ड में ही काम करते हैं | आप सबको मालूम है यह सफ़ेद झूठ है | रात के लगभग दस बजे तक का तो मुझे पता है कि आग काबू में नहीं आई थी | जहाज कम से कम ११-१२ घंटे जल रहा था | आप पाठकों में से कई लोगों को सही वक्त पता होगा | कृपया मेल करके मुझे जानकारी दें |

व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में दी हुई जानकारी में से एक और बात पर गौर कीजिये | उन्होंने बताया है कि दुर्घटना छोटी सी है | अब एक दुर्घटना, जिसमें युद्धपोत बारह घंटे तक जल रहा हो, वो छोटी है तो बड़ी दुर्घटना किसे कहते हैं ? अब क्या पूरा जहाज जल के राख हो जाए तभी बड़ी दुर्घटना मानी जाएगी ? घंटों मशक्कत के बावजूद यदि डाकयार्ड अग्निशमन से आग काबू में नहीं आई तो मुंबई अग्निशमन को सहायता के लिए क्यों नहीं बुलाया गया ? क्या छुपाया जा रहा है यहाँ ?

बेतवा युद्धपोत का तो अभी-अभी ३५-४० दिन पहले सत्यानाश किया था | अब युद्धपोत प्रलय को भी जला दिया | मुझे तो लगता है हमारे डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग के एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) नेवल डाकयार्ड से जाते-जाते हर युद्धपोत का सत्यानाश कर के ही जाएँगे | इनके जैसा आदमी इतने बड़े पद पर पहुँचा कैसे, यह भगवान को ही मालूम है | ये कप्तान संधू जैसे स्त्रीलंपट अधिकारी को बचाते हैं | डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग में बांग्लादेशी रह रहे थे, उस मामले की जाँच नहीं कराते | पूरा दिन व्यावसायिक गतिविधियों को पूरा करने में लगे रहते हैं | अपनी राजनैतिक पहुँच की धौंस दिखाते हैं | अपने अन्तरंग मित्र किरण मोरे को नौसेना की जमीन तोहफे में दे देते हैं | कॉलोनी के मंदिरों पर नियंत्रण की योजना बनाते हैं | मुझे नहीं पता था कि डाकयार्ड के एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट को ये सब काम करना पड़ता है |

मैं तो पाठकों से विनती करूँगा कि आप सब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर, एडमिरल सुनील लांबा तथा वाईस एडमिरल गिरीश लूथरा को पत्र लिखकर संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) के विरुद्ध केंद्रीय जांच ब्यूरो से जाँच कराने की माँग करे | कभी युद्धपोत गिर रहा है, कभी उसमें आग लग रही है | इससे पहले भी नौसेना के पश्चिमी कमांड में कई दुर्घटनाएँ हो चुकी है | देश की जनता को समझ में तो आए कि आखिर हो क्या रहा है | कहीं ऐसा तो नहीं कि युद्धपोतों की मरम्मत और रखरखाव के नाम पर खूब पैसा ऐंठा जा रहा है पर उनकी कोई मरम्मत हो ही नहीं रही है  | और इस बात को छुपाने के लिए जानबूझकर दुर्घटनाएँ कराई जा रही हैं | देश की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है, उसे नौसेना के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता | पाठक गण भी कलम चलाना शुरू करें तो बेहतर होगा |

( मुझसे eb[email protected] पर मेल कर संपर्क किया जा सकता है | )

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