क्या डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग के सिक्यूरिटी ऑफिसर राजाराम तोरस्कर जाएँगे जेल ?

Rajaram-Toraskar (Facebook Images)
Rajaram-Toraskar (Facebook Images)

पाठक गण राजाराम तोरस्कर जी को तो जानते ही होंगे | हमारी डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग के भूतपूर्व सिक्यूरिटी ऑफिसर | इन्हें बड़ा गर्व था कि खुद एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी ने इन्हें सिक्यूरिटी ऑफिसर बनाकर डाकयार्ड कॉलोनी में भेजा है | यह बात और है कि कॉलोनी आने के चीमन लांबा ने उन्हें लंबे समय तक चार्ज भी नहीं दिया | पर जैसे भी हो, आदमी भले थे | बस एक मुर्खता कर बैठे |

कॉलोनी को सिक्यूरिटी गार्ड देनेवाली दोनों कंपनियाँ, आलसिक्योर प्रोटेक्शन सर्विस तथा डायनामिक प्राइवेट लिमिटेड ने बोगस बिल बनाकर नौसेना के सामने प्रस्तुत किया है | आलसिक्योर प्रोटेक्शन सर्विस के समय कभी भी ४१-४२ से अधिक गार्ड नहीं थे, किंतु बिल हमेशा ५१ का बनता है | डायनामिक प्राइवेट लिमिटेड के ४२-४४ गार्ड हैं लेकिन बिल ५९ का बना है | १०-१७ भुतहा गार्डों का बिल बनाकर उनका पगार डकारा जा रहा है | पूरा मामला सामने आ चूका है और एकदम पक्के सबूत इकट्ठे हो चुके हैं | आलसिक्योर प्रोटेक्शन सर्विस के अंतिम बिल पर और डायनामिक प्राइवेट लिमिटेड के एक महीने के बिल पर तोरस्कर जी के हस्ताक्षर हैं |

अब बताइये ऐसे बोगस बिल पर हस्ताक्षर करके उन्होंने कितनी बड़ी मुसीबत मोल ली है ! मुझे पता है कि मलाई तो कई लोगों ने मिलकर खाई होगी, पर फसेंगे हमारे तोरस्कर जी | और जिन दो बिलों के बारे में मैनें बताया है उनके पहले के बिलों में भी ऐसे घोटाले हुए होंगे | नौसेना कितनी इमानदारी से जाँच करेगी वो तो भगवान को ही मालूम है | पर इस बार मामला केंद्रीय जाँच ब्यूरो तथा न्यायालय तक जाने वाला है | अब ऐसे में तोरस्कर जी क्या करेंगे ? जिन्होनें मलाई खाई है वो क्या तोरस्कर जी को बचाने आएँगे ? या एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी उन्हें बचाएँगे ? या बेचारे का बुढापा जेल में कटेगा ?

मैं इस मामले में ज्यादा हस्तक्षेप न करते हुए बस पता लगाता रहूँगा कि क्या हो रहा है और पाठकों को इसकी जानकारी देते रहूँगा |

कबीरा खड़ा बाजार में सबकी मांगे खैर,
ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर |

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