भारतीय नौसेना या शराब की दूकान ???

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विद्यालय में जब मैं इतिहास पढ़ता था, तो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में बड़े ध्यान से पढ़ता था | उस आंदोलन का एक मुख्य अंग था शराब बंदी का विरोध | महात्मा गांधी शराब पर पूरी तरह बंदी लगाना चाहते थे | इसलिए शहरों और गाँवों में लोग शराब की दूकान के आगे सत्याग्रह करते थे | इसमें महिलाएँ काफी आगे रहती थी | शराब का सबसे बुरा परिणाम उन्हें ही भुगतना पड़ता था |

अब महात्मा गांधी शराब बंदी को इतना जरूरी मानते थे, तो बचपन से हमारे दिमाग में भी यह बात बैठ गयी थी कि शराब बुरी चीज है | इस पर पूरी बंदी लगनी चाहिए | लेकिन जैसे-जैसे बड़े होते हैं तो क्या देखते हैं !! हर तरफ शराब की दूकान ! फिर समझ में आता है कि देश में लोकतंत्र है | जिसकी जो मर्जी है करे | जिसे शराब पीना हो पिए | गाँधीजी के इतने आदर्श कूड़ेदान में जा चुके हैं तो एक और सही ! पर असली झटका तब लगता है जब हम सेना के किसी व्यक्ति के संपर्क में आते हैं | उनमें आधे से ज्यादा तो शराबी होते हैं | चाहे वो थल सेना से हो, नौसेना से हो या वायुसेना से | सब मजे से शराब पीते हैं और गर्व से बताते हैं | और तो और हमारी सरकार भी उन्हें सस्ती दरों पर शराब उपलब्ध करा कर देती है |

जितनी शराब ये सेना के सिपाही और अधिकारी पीते हैं उतना कोई असैनिक पिये तो समाज में उसकी कोई इज्जत नहीं रहेगी | मुंबई में ऐसे लोगों के लिए ख़ास शब्द है – ‘बेवडा’ | सेना में आधे से ज्यादा बेवडे ही भरे होते हैं | वही बेवडे जब वर्दी पहन लेते हैं तो देश के सिपाही बन जाते हैं और हम सब उन्हें अपने सर पर चढ़ा लेते हैं | अब कपडे का टुकड़ा बदलने से क्या इंसान बदल जाता है ? रहेंगे तो बेवडे ही न | आप की जानकारी के लिए बता दूँ, ये लोग बेवडों से भी दो कदम आगे होते हैं | बेवडे तो सिर्फ शराब पीते हैं | ये सेना वाले शराब पीते भी हैं और गैरकानूनी तरीके से उसे बेचते भी हैं | अब आपको इस बात का उदाहरण देता हूँ |

मेरा बचपन डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग में बीता है | अभी भी कई डाकयार्ड और नौसेना के लोग मेरे संपर्क में हैं | उनमें से कुछ ने मुझे कई बार बोला है – “किसी को सस्ते में दारु चाहिए तो बोल देना |” मैंने पूछा आप “कहाँ से लाओगे ?” तो उन्होंने बताया कि नौसेना की कैंटीन से नौसेनावालों को सस्ते में शराब मिलती है | उसी शराब को वो बाहर ऊँचे दामों में बेचकर पैसा कमाते हैं | मुझे तो शराब नहीं चाहिए थी पर मन में सोचा नौसेना को तो इन लोगों ने शराब की दूकान बना रखी है | वास्तव में हमारी सेना के तीनो ही अंग शराब की दुकान है |

हमारी सेना में लगभग १४ लाख लोग हैं | सेना अपने सभी जवानों को और अधिकारियों को सस्ते में शराब बेचती है | सेना से जुड़े हर व्यक्ति का हर महीने का कोटा होता है, जो उन्हें सेना से या तो मुफ्त या सस्ते दामों पर मिलता है | अब आप ही बताइये, जो संस्था १४ लाख लोगों को शराब पिलाती हो, उसे क्या कहेंगे ? शराब की दूकान ही न ? आप लोगों के पास कोई दूसरा बेहतर शब्द हो तो कमेंट कर मुझे बता दीजिये |

किसी नौसेना वाले को मेरी बात पर आपत्ति हो तो वो इस लिंक Regional Manager of Indian Naval Canteen Services caught smuggling 84 bottles of liquor ! पर क्लिक कर खबर पढ़ सकता है कि किस तरह नौसेना का कमांडर विक्रम सिंह शराब बेचते हुए पकड़ा गया था | मेरे ज्यादातर पाठक डाकयार्ड और नौसेना के कर्मचारी ही हैं | उन्हें तो पहले से पता है कि मैनें जो लिखा है वो सच है | जिन पाठकों को इस बात की सच्चाई जाननी हो वो कभी घूमते हुए डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग पहुँच जाएँ | वहाँ के किसी रहिवासी से बातचीत शुरू करे | बातों-बातों में उससे पूछे कि कहीं से सस्ती शराब का इंतजाम हो सकता है क्या ? वो आपको किसी के पास ले जाकर शराब दिलवा देगा या तो फिर ऐसे व्यक्ति के बारे में बता देगा जो वहीँ आस-पास सस्ते में शराब बेचता हो | हो सकता है आपको पहली बार में सफलता न मिले पर आप कोशिश जारी रखे | आपको जल्दी ही सफलता मिल जाएगी | आप शराब खरीदे या न खरीदे, बस इतना पूछ ले कि उनके पास सस्ती शराब आती कहाँ से है ? वहीं आपको ब्रह्मज्ञान हो जाएगा | आप जान जाएँगे कि जिसे आज तक हम और आप भारतीय नौसेना समझते रहे हैं वो असल में एक शराब की दूकान है | तथा सफ़ेद वर्दीवाले उसके जो सिपाही हैं वो असल में सफ़ेद कपड़े लपेटे हुए बेवडे हैं |

( विशेष जानकारी : हमारे डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग के प्रशासनिक अधिकारी चिंदीचोर कमांडर मुजावर जी ने तो अपना कार्ड ही दूसरे को दे रखा है | वो मुजावर जी के बदले शराब खरीदता है, उसे ऊँचे दाम पर बेचता है और मुजावर जी को उनका हिस्सा दे देता है | ऐसी हरकतों के कारण ही मैं कमांडर मुजावर को हमेशा चिंदिचोर विशेषण से संबोधित करता हूँ | )

One thought to “भारतीय नौसेना या शराब की दूकान ???”

  1. 14 lakh logon ko daru issue karne par tum agar navy ko daru ki dukan kahoge, To govt liquor shop se crore log daru pite hain. Ham India ko kya samjhein…..,…….sharab ki adda.

    Soch badal Bhai. Ek aadmi se ek grp ko badnam mat kar. Dum hei to bardi pehne ke to dekh.

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