बेतवा युद्धपोत दुर्घटना और नेवल डाकयार्ड के नकारा अध्यक्ष एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले

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जब किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता से अधिक मिलता है तो वो वही करने लगता है जो आजकल नौसेना के रियर एडमिरल, डाकयार्ड के एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) कर रहे हैं | इतने बड़े संगठन के अध्यक्ष बन गए, उनके मातहत लगभग १२००० कर्मचारी हैं किंतु उन्हें अब तक यह नहीं पता कि उनकी प्राथमिकता क्या है |

नेवल डाकयार्ड मुंबई का काम है जहाज़ों का रखरखाव और उनकी मरम्मत | नौसेना का इतना बड़ा अधिकारी इसी लिए नियुक्त किया जाता है ताकि इस काम को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके | इसके अलावा डाकयार्ड में काम करनेवाले १२००० कर्मचारियों का ध्यान रखना भी इसी अधिकारी की जिम्मेदारी है | लेकिन वर्त्तमान एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) को इन दोनों कामों से कोई लेना देना नहीं है | जहाजों के रखरखाव का काम भगवान भरोसे, कर्मचारियों का हाल भी भगवान भरोसे | जब से आए हैं डाकयार्ड में सिर्फ व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में लगे हैं | इसके पहले के दस एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट कुल मिलाकर डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग जितनी बार आए होंगे, उससे ज्यादा बार अकेले काले जी आ चुके हैं | नौसना अधिकारियों की पूरी फ़ौज लेकर पहुँच जाते हैं | ऐसा लगता है काले जी नौसेना के रियर एडमिरल नहीं डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग के रियर एडमिरल हैं | और काम क्या कर रहे हैं – किरण मोरे के साथ खेल-कूद केंद्र बनाना, निजी कोचिंग क्लास के लिए विद्या संकुल बनाना, महिलाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र | सारी व्यावसायिक गतिविधियाँ | ऊपर से सबको चेतावनी दे रखी है कि कोई भी इन कामों में विरोध नहीं करेगा | समझ ही नहीं आता कि काले जी नौसेना के अधिकारी हैं या कोई व्यवसायी ???

यदि पिछले एक महीने के काले जी के कामकाज की समय सारिणी माँगी जाए, तो उसमें मीटिंग्स के अलावा कुछ नहीं मिलेगा | वो भी ज्यादातर समय वर्क्स कमिटी के सदस्यों के साथ मीटिंग करते हुए | उन्हें बातों से शीशे में उतार रहे हैं और अपने लिए प्रशंसापत्र माँग रहे हैं | बेतवा वॉरशिप की दुर्घटना के बाद तो वर्क्स कमिटी के सदस्यों को तुरंत एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) को प्रशंसापत्र दे देना चाहिए | जैसी दुर्घटना भारतीय नौसेना के इतिहास में कभी नहीं हुई थी, वैसी इन्होनें कर दिखाई, यह कोई छोटी उपलब्धि थोड़ी है |

इसके अलावा भी काले जी की कई उपलब्धियाँ है | डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग में U बिल्डिंग के कुछ कमरों को कमांडर मुजावर और गोपाल कुमार ने बांग्लादेशियों को किराए पर दे दिया था | जब मामला खुला तो उन्हें भगा दिया गया | किराए पर देनेवाले दोनों व्यक्तियों पर काले जी ने कोई कार्रवाई नहीं की | बांग्लादेशी कहाँ गए, किसी को पता नहीं | मेरा तो मानना है कि बेतवा दुर्घटना की जाँच का जिम्मा केंद्रीय सतर्कता आयोग को दे देना चाहिए, हो सकता है उसकी मरम्मत और रखरखाव का काम भी काले जी ने कमांडर मुजावर और गोपाल कुमार जैसे लोगों के जरिये बांग्लादेशियों को दे दिया हो |  (कई पाठकों ने मुझसे निवेदन किया कि मैं काले जी पर इतना बड़ा आरोप न लगाऊँ | मैं उन पाठकों से कहना चाहूँगा कि यह लेख व्यंग्यात्मक शैली में लिखा गया है और वह वाक्य एक ताना मारने जैसा है | मैं संजीव काले जी पर बांग्लादेशियों से मरम्मत कराने का आरोप नहीं लगा रहा | उस वाक्य से मेरा तात्पर्य है कि जिस तरह सबूत होते हुए भी कमांडर मुजावर और गोपाल कुमार पर इतने बड़े अपराध के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, उससे भ्रष्टाचार करनेवालों की हिम्मत बढ़ती है | फिर उनके जैसे ही कुछ भ्रष्ट लोगों के जिम्मे बेतवा युद्धपोत के रखरखाव और मरम्मत का काम होगा , जिसका नतीजा आज हम सब देख रहे हैं | पाठकों का सुझाव मानते हुए मैनें उपरोक्त वाक्य काट जरूर दिया है, पर मैं अब भी दुर्घटना के लिए एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले की लापरवाही और उनकी गलत नीतियों को ही दोषी मानता हूँ |)

काले जी की अगली उपलब्धि है कप्तान संधू के कुकर्मों को सफलतापूर्वक छिपाना | इसके लिए तो काले जी ने सारे नियमों को ताक पर रख दिया है | डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग में संधू जी ने जो कांड किया, उसकी जाँच कमोडोर विवेक अग्रवाल कर रहे हैं | संधू जी और अग्रवाल जी में भाईयों सा प्यार है | कप्तान संधू को बचाने के लिए उन्होंने सारे सबूतों का सत्यानाश कर दिया, गवाहों का जीना हराम कर दिया | संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) को अच्छे से पता है कि क्या चल रहा है पर उनके लिए सफ़ेद वर्दीधारियों के पापों को छुपाने से बड़ा पवित्र कर्म कोई नहीं | जहाज तो डूबने के लिए ही बना है |

काले जी आप यही सब में लगे रहे | बाकि नेवल डाकयार्ड गया भाड़ में, जहाज़ों का रखरखाव और उनकी मरम्मत भी गई भाड़ में | डाकयार्ड कॉलोनी की कई इमारतें बंद पड़ी है क्योंकि उनकी मरम्मत नहीं हुई है | उनको जल्द से जल्द बनाना है | हजारों लोग घर के लिए कतार में हैं | पर आपको यह सब सोचने की जरुरत नहीं | आप बस व्यावसायिक निर्माण कराते रहें | आपको आपकी मोटी तनख्वाह और अन्य सुविधाएँ तो मिल ही रही है | बेकार में सरकारी काम के बारे में सोच के क्यों अपनी नींद खराब करना |

ऐश तू कर यारा ऐश तू कर – दुनिया गया तेल लेने ऐश तू कर |

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