कांजुर मार्ग मुंबई में कनाकिया बिल्डर की मनमानी, रातों रात काटे सैकड़ों पेड़

M/s Bright Brothers Ltd , CTS no 112 (PT), at Gandhi Nagar Junction, LBS Marg, Kanjurmarg (West), Mumbai.
M/s Bright Brothers Ltd , CTS no 112 (PT), at Gandhi Nagar Junction, LBS Marg, Kanjurmarg (West), Mumbai.

प्रदेश की शिवसेना-काँग्रेस-राष्ट्रवादी सरकार ने पेड़ों को बचाने के नाम पर आरे में बननेवाला कारशेड रद्द कर दिया है | सरकार के इस कदम से आपको और हमें लग सकता है कि हमारे मुख्यमंत्री हर हाल में पर्यावरण की रक्षा करना चाहते हैं | वो किसी भी कीमत पर पेड़ों को बचाना चाहते हैं | लेकिन मेरे इस लेख द्वारा मैं साबित कर दूँगा कि सच्चाई इसके ठीक विपरीत है |

उम्मीद है मेरा पिछला लेख ” आरे बचाओ के नाम पर मुंबई वासियों के साथ धोखा, शिवसेना नेता ने बनाया आरे को डम्पिंग ग्राउंड ” आपने पढ़ा होगा | उस लेख द्वारा मैनें साबत कर दिया था कि किस तरह शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी बिल्डरों से मोटा माल लेकर आरे को डंपिंग ग्राउंड बना रहे हैं | आज आरे से चलते हैं गांधीनगर, कांजुर मार्ग | पूरा पता है : M/s Bright Brothers Ltd , CTS no 112 (PT), at Gandhi Nagar Junction, LBS Marg, Kanjurmarg (West), Mumbai.

इस जगह को अभी-अभी कनाकिया बिल्डर ने खरीदा है | कनाकिया बिल्डर मुंबई के जान-माने बिल्डर है | कांजुर मार्ग, पवई, BKC, अँधेरी, माहिम, वर्सोवा, जुहू आदि जगहों पर इनके बड़े-बड़े प्रोजेक्ट हैं | BMC, मुंबई पुलिस और राजनेताओं पर इनकी मजबूत पकड़ है | वो गांधीनगर, कांजुर मार्ग में किस तरह का प्रोजेक्ट बनाने जा रहे हैं, इसकी अभी कोई जानकारी नहीं | वहाँ पर अब तक किसी प्रोजेक्ट का बोर्ड भी नहीं | लेकिन उस जमीन के टुकड़े पर सैकड़ों पेड़ थे जिसे कुछ दिनों पहले रातोंरात काटकर कनाकिया बिल्डर ने जमीन समतल कर ली | अब बिना किसी प्रोजेक्ट के उन्हें पेड़ काटने की अनुमति मिली कैसे ? यह भगवान को ही मालूम है | यदि कोई प्रोजेक्ट हो तो भी इतने पेड़ काटने की अनुमति BMC और राज्य सरकार ने कैसे दी ? जब मुंबई मेट्रो के कारशेड के लिए पेड़ नहीं कट सकते, जिस प्रोजेक्ट से लाखों मुंबई वासियों का भला हो , उसके लिए पेड़ नहीं कट सकते तो एक प्राइवेट बिल्डर के प्राइवेट प्रोजेक्ट के लिए इतने पेड़ों की बली क्यों दी गयी ?

कनाकिया बिल्डर ने जिस तरह बिंदास्त होकर रातोंरात पेड़ काट लिए हैं, उससे तो दो चीजें स्पष्ट है कि या तो उसे राज्य सरकार की कोई परवाह नहीं या फिर उस पर राज्य सरकार का आशीर्वाद है | स्थानीय नगरसेवक और विधायक (MLA) दोनों ही शिवसेना के हैं | इस बात से आप अंदाजा लगा लीजिये | मामले की शिकायत पुलिस, BMC और राज्य सरकार तीनों से की गयी है | अब तक तीनों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया | आने की उम्मीद भी कम है | जब प्राइवेट बिल्डर के कुकर्म सामने आते हैं तो पुलिस, BMC और राज्य सरकार तीनों की आँखों में मोतियाबिंद हो जाता है, उन्हें दिखना बंद हो जाता है | अब मैनें निर्णय लिया है कि मामला ग्रीन ट्रिब्यूनल ले जाऊँ | शायद वहाँ से कुछ हो !

( लेखक : सुधीर सिंह, विक्रोली पश्चिम, मुंबई)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *