लॉक डाउन का फायदा उठाकर विक्रोली विधानसभा क्षेत्र मे सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने मे कब्जा, सैकड़ों झोंपड़पट्टियों का निर्माण, बीएमसी और पुलिस लाचार

कोरोना के कारण आया हुआ लॉक डाउन का समय आम जनता के लिए बहुत तकलीफ भरा रहा है। सबकी रोजी-रोटी प्रभावित हुई है और पैसे की तंगी का सामना करना पड़ रहा है । लेकिन ऐसे समय मे भी यदि किसी ने पैसा बनाया है तो वो है हमारे राजनेता और उनके चापलूस कार्यकर्ता । मैनें अपने पिछले लेखों मे आपको शिवसेना नेता दशरथ घाड़ी और पठान गैंग द्वारा पवई और आरे मे किए जा रहे गैरकानूनी निर्माण कार्यों के बारे मे बताया था । यदि आपने वो लेख न पढे हो तो यह रहे लिंक :

भू माफिया शिवसेना नेता द्वारा आरे की जमीन पर गैरकानूनी कब्जा, आरे बचाओ के नाम पर एक और धोखा

पठान गैंग की सहायता से शिवसेना नेता ने किया पवई के फूटपाथ पर कब्जा, पुलिस और महानगरपालिका कार्रवाई करने मे असमर्थ

भूमाफिया शिवसेना नेता द्वारा चाँदीवाली मे गैरकानूनी झोंपड़ों का निर्माण, बीएमसी और पुलिस कार्रवाई करने मे लाचार

इस लेख मे मैं आपको बताता हूँ कि विक्रोली विधानसभा मे भी कई दशरथ घाड़ी है जिन्होनें लॉक डाउन का फायदा उठाकर बड़े पैमाने मे सरकारी जमीन पर कब्जा किया है | 

1)  श्याम नगर, हेमा पार्क के सामने, भांडुप पूर्व, मुंबई : इस जगह पर लगभग 250 गैरकानूनी झोंपड़ों का निर्माण हुआ है:

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2) साल्ट लैंड, टाटा नगर, ईस्टर्न एक्स्प्रेस हाइवै के पास, भांडुप पूर्व : यहाँ 40-50 झोंपड़ों का निर्माण हुआ है । यहाँ गैरकाननूनी निर्माण अभी भी जोरों-शोरों से चल रहा है ।

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3) भवानी नगर, भांडुप पूर्व : यहाँ 6 गैरकानूनी झोंपड़ों का निर्माण किया गया है । 

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4) आरकेड अर्थ प्रोजेक्ट, कांजूर मार्ग पूर्व मे एक गैरकानूनी दुकान का निर्माण किया गया है :

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5) DAV कॉलेज के सामने भांडुप पूर्व मे रवि म्हात्रे ने एक गैरकानूनी होटल बनाया है । 

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6) टाटा टावर के नीचे, अन्नपूर्णा निवास, संजय अपार्टमेंट के सामने, भांडुप गाँव :

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इन गैरकानूनी निर्माण कार्यों मे जिनका हाथ है वो हैं : सज्जू मलिक, रूपेश शेट्टी, सतीश विटकर, सचिन भोईर उर्फ पप्पू, आनंद गवई, रितेश केनी, राकेश मलकर, पांडुरंग उलवेकर। इनमें से ज्यादातर या तो कुख्यात अपराधी है या राजनैतिक कार्यकर्ता या फिर दोनों । इसमें से सज्जू मलिक तो अभी कुछ दिनों पहले जेल से छूटकर आया है । इन भूमाफियाओं ने झोंपड़े बनाकर एक-एक झोंपड़ा 8 से 10 लाख मे बेच दिया है । आप सिर्फ हिसाब लगाइए कि 8 लाख के हिसाब से भी 300 झोंपड़ों का पैसा कितना होता है – लगभग 25 करोड़ रुपये । इस 25 करोड़ मे से बीएमसी को कितना गया होगा, कांजूर मार्ग पुलिस स्टेशन को कितना गया होगा और इनके साहब को कितना गया होगा किसको पता ! तभी तो सब आँख बंद करके बैठे हैं । लेकिन एक बात तो तय है कि आप और मैं पढ-लिखकर, जिंदगी भर मेहनत कर जितना पैसा देख भी न पायें, उससे ज्यादा इन अपराधियों और पिद्दी कार्यकर्ताओं ने लॉक डाउन के 6 महीने मे कमा लिए । 

यह तो 6 जगह की ही फोटो और जानकारी मैनें दी है, ऐसे दर्जनों जगह की तस्वीरें और हैं । पर वो फिर कभी । आज के लिए इतना ही । भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए आप ईभारत पढ़ते रहिए ।

कुख्यात अपराधी सज्जू मलिक अपने साहब शिवसेना विधायक सुनील राऊत के साथ
कुख्यात अपराधी सज्जू मलिक अपने साहब शिवसेना विधायक सुनील राऊत के साथ

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