नौसेना द्वारा गरीब सिक्यूरिटी गार्डों को लूटने का क्रम जारी, तीन महीने से तनख्वाह नहीं, सिक्यूरिटी गार्ड दस दिन से हड़ताल पर

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मामला कांजुर मार्ग मुंबई में स्थित डाकयार्ड कॉलोनी का है | यह कॉलोनी नौसेना के अंतर्गत आती है | इस कॉलोनी के प्रशासनिक अधिकारी भारतीय नौसेना के कप्तान उस्मानी हैं | कॉलोनी में लगभग पैंतीस से चालीस सिक्यूरिटी गार्ड काम करते हैं | लेकिन नौसेना के अधिकारी पचपन से साठ सिक्यूरिटी गार्ड दिखाकर, उनका झूठा ओवरटाइम दिखाकर खूब हराम की कमाई खाते रहे हैं | यहाँ तक तो ठीक था लेकिन पिछले कुछ समय से नौसेना के अधिकारी इन सिक्यूरिटी गार्डों का पगार भी समय पर नहीं दे रहे हैं | डेढ़ वर्ष में सिक्यूरिटी गार्ड ४ बार हड़ताल कर चुके हैं लेकिन नौसेना अधिकारियों के कानों पर जू भी नहीं रेंगती |

इस बार भी सारे सिक्यूरिटी गार्ड १९ मार्च २०१९ से हड़ताल पर हैं | उन्हें इस बार तीन महीने की पगार नहीं मिली है | वैसे भी नौसेना उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन का ५०% ही देती है | उनके प्रोविडेंट फण्ड और इन्सुअरंस का पैसा भी नौसेना के अधिकारी दारू तथा ऐय्याशी में उड़ा देते हैं | जो बचा हुआ आधा वेतन मिलता था वो भी पिछले तीन महीने से नहीं मिला |

कॉलोनी के प्रशासनिक अधिकारी कप्तान उस्मानी का कहना है कि सिक्यूरिटी गार्डों को समय पर वेतन देना संभव ही नहीं है | उनके अनुसार सिविलियन्स को समय पर वेतन देना नौसेना के शान के खिलाफ है | कोई गरीब भूखे मरता है तो मरे, नौसेना अधिकारियों की दारू और ऐय्याशी ज्यादा जरुरी है | उनके अनुसार चीफ ऑफ़ नेवल स्टाफ सुनील लांबा सिक्यूरिटी गार्डों के वेतन के पैसे की दारू पीकर टुन्न हो गए हैं और किसी नाले में गिर गए हैं | कुछ दिनों बाद जब उनकी शराब उतरेगी और वो नाले से निकलेंगे, उसके बाद ही सिक्यूरिटी गार्डों को वेतन मिल सकेगा |

सिक्यूरिटी गार्डों का वेतन पास करनेवाले एन्कोडिंग डिपार्टमेंट के कमोडोर स्वामीनाथन बालकृष्ण को जब सिक्यूरिटी गार्डों के वेतन के बारे में पूछा गया तो वो बोले कि फिलहाल वो मेराथन घोटाले में व्यस्त हैं | उन्हें गरीब मजदूरों का चुराया हुआ दूध भी अपने घर ले जाना है | उनका यह भी मानना है कि सिक्यूरिटी गार्ड्स के बिल की जो फाइल है उसमें बहुत घोटाले हैं | तो जब तक उनका कमीशन नहीं मिलता वो उस बिल को पास नहीं करेंगे |

मुझे सुनने में आया है कि नेवल डाकयार्ड मुंबई के नए एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट रियर एडमिरल जी. श्रीनिवासन अच्छे आदमी है | पता नहीं यह सच है या नहीं | लेकिन इस लेख के माध्यम से मैं उनसे इतनी ही प्रार्थना करूँगा कि नौसेना अधिकारियों की रिश्वतखोरी के चक्कर में गरीब सिक्यूरिटी गार्डों को भूखा न मारे | उन्हें भारत सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन दिलाएँ और वो भी समय पर दिलाएँ |

बाकि पाठक नौसेना अधिकारियों से ज्यादा उम्मीद न रखे, उनका सही चरित्र जानना है तो यह लेख जरुर पढ़ें :

(आजके लिए इतना ही काफी है | बाकी किसी और दिन | नौसेना के भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ebharat.net | मुझसे संपर्क करके अपने विचार जरुर बताएँ | मेरा मेल है : [email protected])

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