नौसेना का कमांडर मुजावर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार, सिक्योरिटी इंचार्ज सुरेश अवस्थी ने जाल बिछाकर फँसाया

आमचोर अवस्थी गैरकानूनी तरीके से रखे हुए दो बंदूकों के साथ
आमचोर अवस्थी गैरकानूनी तरीके से रखे हुए दो बंदूकों के साथ

हर आदमी को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है | इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण कुछ दिनों पहले डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग मुंबई में देखने मिला है | आप में से ज्यादातर पाठकों को पहले से पता होगा कि अभी ३-४ दिन पहले डाकयार्ड कॉलोनी कांजुरमार्ग के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर कमांडर मोहम्मद हुसैन मुजावर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है | लेकिन उन्हें गिरफ्तार करवाने में जिन लोगों का हाथ है उसके बारे में शायद ही किसी को पता होगा | इसीलिए यह लेख लिख रहा हूँ |

डाकयार्ड कॉलोनी में एक कोचिंग क्लास चलता है गुरु कोचिंग क्लास | उसके कर्ता -धर्ता है आरिफ कुरैशी | आज से लगभग २ वर्ष पहले उन्हें डाकयार्ड कॉलोनी में कोचिंग क्लास चलाने के लिए जगह दी गयी | वैसे तो नियमों के तहत उन्हें जगह नहीं मिलनी चाहिए थी | जगह उन कोचिंग क्लास वालों के लिए थी जिनके पास केंद्रीय विद्यालय के पर्याप्त विद्यार्थी पहले से पढ़ते हो | गुरु क्लास के पास एक भी केंद्रीय विद्यालय का विद्यार्थी नहीं था | इसके बावजूद कॉलोनी के एक धर्मांध व्यक्ति की सिफारिश पर कमांडर मुजावर ने नियमों को तोड़ मरोड़ कर गुरु क्लास वाले को जगह दी, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से कि वो उनके ही धर्म से हैं और भरोसे का है, उससे आसानी से कमीशन मिलता रहेगा | रिश्वतखोर कमांडर रामचंद्र ने भी मोटी रकम लेकर इस मामले में उनका साथ दिया | लेकिन सब कुछ इतना आसान नहीं था |

जगह देना अलग और क्लास चलाना अलग | गुरु क्लास उम्मीद के अनुसार सफल नहीं हुआ | विद्यार्थी काफी काम है | IITian के नाम का जो झूठा प्रसार करके विद्यार्थियों को इकठ्ठा किया गया था वो ज्यादा दिन तक टिका नहीं | कमाई काफी कम हो गयी तो कमांडर मुजावर को कमीशन देना मुश्किल हो गया | लेकिन मुजावर को हर हाल में पैसा चाहिए था | उसने आरिफ कुरैशी पर काफी दबाव बनाया | आरिफ कुरैशी परेशान हो गए | ऐसे में उनकी सहायता की उनके मित्र विनोद पांडे ने जो डाकयार्ड कॉलोनी के सुरक्षा इंचार्ज सुरेश अवस्थी उर्फ़ आमचोर अवस्थी के लिए काम करता है | विनोद पांडे ने कुरैशी और अवस्थी की मुलाक़ात करवा दी |

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आपको बता दूँ कि आमचोर अवस्थी और कमांडर मुजावर में चूहे-बिल्ली का संबंध है | दोनों कॉलोनी की कमाई में अपना हिस्सा बढ़ाने के लिए एक दूसरे से बुरी तरह से लड़ रहे थे | ऐसे में अवस्थी को मिल गया आरिफ कुरैशी का कंधा जिस पर बंदूक रखकर वो कमांडर मुजावर से बदला ले सकते थे | उसने कुरैशी को सुझाव दिया कि मुजावर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करा दिया जाये | कुरैशी ने उसकी बात मान ली | केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से संपर्क किया गया | CBI ने जाल बिछाया और मुजावर गिरफ्तार |

ऐसा नहीं है कि आरिफ कुरैशी ने इससे पहले मुजावर को रिश्वत न दी हो | पहले भी वो नियमित रूप से मुजावर को रिश्वत देता था | कॉलोनी में चलने वाले दूसरे कोचिंग क्लास जो कि अन्तर्यामी जी चलाते हैं, वहाँ से भी रिश्वत जाता है | वो भी दो साल से | लेकिन इस बार मुजावर की नसीब खराब | एक तो कुरैशी का कोचिंग क्लास चल नहीं रहा, ऊपर से उसकी दोस्ती हो गई विनोद पांडे से | कुरैशी, पांडे और अवस्थी की तिकड़ी ने मिलकर कमांडर मुजावर को हवालात भिजवा दिया | नियमों को तोड़कर जिस कुरैशी को कॉलोनी में जगह दिलवाई थी, उसीने जेल भिजवा दिया | जैसी करनी वैसी भरनी |

लेकिन यहाँ कुरैशी से एक गलती हो गयी | उसे नौसेना का चरित्र नहीं पता | वो अपने वर्दीवाले भाई का बदला लेंगे, जरूर लेंगे | भले ही वो भ्रष्ट क्यों न हो | फिर नौसेना में चोरों की कौनसी कमी है | सफ़ेद वर्दी में डाकू तो भरे हुए हैं | ऐसे में चाहे अवस्थी ने कुरैशी से कुछ भी वादा किया हो, आज नहीं तो कल कुरैशी को वहाँ से निकाल फेका जाएगा |

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