नेवल डाकयार्ड कोऑपरेटिव बैंक पर काले धन का साया

black-money

मुझे कुछ दिनों पहले नेवल डाकयार्ड कोऑपरेटिव बैंक के बारे में काफी सनसनीखेज जानकारी मिली थी | मैं इस बारे में पहले ही लेख लिख चुका होता पर अधिक जानकारी इकठ्ठा करने के लिए रुक गया | आप सब तो जानते हैं कि जब से हमारे प्रधानमंत्री ने पाँच सौ और हजार रुपये के पुराने नोटों पर बंदी लगाई है तब से काला धन रखनेवालों में हडकंप मच गया है | वो किसी भी तरह पुराने नोटों के रूप में छुपाए अपने काले धन को नए नोटों में बदलना चाहते हैं | हमारे डाकयार्ड और नौसेना में भी कुछ ऐसे पापी हैं जिन्होनें डाकयार्ड कोऑपरेटिव बैंक के द्वारा अपने काले धन को नए नोटों में बदलवाया है |

७ दिसंबर २०१६ को डाकयार्ड में apprenticeship कर रहे कई लडके डाकयार्ड कोऑपरेटिव बैंक में २४०००-२४००० जमा कराने आए हुए थे | सारा पैसा पुराने नोटों के रूप में था | बैंक के केशियर ने इस बात पर गौर किया कि पिछले कुछ दिनों से apprenticeship कर रहे लडके नियमित रूप से आकर पैसा जमा करा रहे हैं और फिर कुछ दिनों बाद उन पैसों को निकाल रहे हैं | केशियर को यह बात पता थी कि इन लड़कों के पास इतना पैसा नहीं हो सकता | डाकयार्ड apprenticeship करते समय बहुत कम पैसा देती है | उसे शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है | उसने बैंक के बाकी लोगों को यह बात बताई | मामला बैंक के ऊँचे पद के कर्मचारियों तक पहुँचा | उन लोगों ने तुरंत इन लड़कों को बुलाया और पूछताछ शुरू की | पूछताछ में पता चला कि डाकयार्ड के सेंटर क्र. १० के कोई प्रकाश चंद्रकांत मोरे हैं जो इन लड़को को पुराने नोट दे रहे थे | इन पुराने नोटों को बैंक में जमा कर, बाद में नए नोटों के रूप में निकाल कर देने पर लड़कों को मोरे जी से कमीशन मिल रहा था |

बात खुलते ही बैंक में हडकंप मच गया | मामला बैंक के ऊँचे पदाधिकारियों तक पहुँचा | नियम के हिसाब से तो तुरंत इस बात की जानकारी पुलिस को दी जानी चाहिए पर ऐसा किया नहीं गया | क्योंकि यह इकलौता ऐसा मामला नहीं था | इसी तरीके का प्रयोग कर नौसेना और डाकयार्ड के कई लोगों ने अपना काला धन बदलवाया है | यदि पुलिस को पता चला और नेवल डाकयार्ड कोऑपरेटिव बैंक पर जाँच बैठी तो कई बड़े खिलाड़ी भी लपेटे में आ सकते हैं | प्रकाश मोरे जी ने भी अपनी पहचान लगाई | वर्क्स कमिटी के कुछ सदस्य भी बैंक में आए, बैंक के कई ऊँचे पदाधिकारियों का फ़ोन आया और कई घंटों की मशक्कत के बाद मामले को दबा दिया गया | सबने सोचा धन तो धन होता है, काल क्या सफ़ेद क्या !!! तू भी चोर – मैं भी चोर, तू भी चुप – मैं भी चुप |

लेकिन मैं तो चुप नहीं रह सकता | खबर तो यह भी उड़ रही है कि नौसेना के कुछ बड़े अधिकारियों ने भी बैंक के द्वारा अपना काला धन नए नोटों में बदलवाया है | इसलिए मैं इस मामले की और जानकारी निकाल रहा हूँ | इसके बाद पूरा मामला विस्तृत विवरण के साथ ABINET.ORG को मेल के द्वारा भेज दूँगा | उम्मीद है कि वो लोग इसकी सही जाँच करवाकर ४-६ लोगों को हवालात जरूर पहुँचाएँगे |

One thought to “नेवल डाकयार्ड कोऑपरेटिव बैंक पर काले धन का साया”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *