दवा की जगह जहर बाँटता डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग, मुंबई का नौसेना अस्पताल

रिटायर्ड वाईस एडमिरल गिरीश लूथरा
रिटायर्ड वाईस एडमिरल गिरीश लूथरा

पिछले तीस वर्षों में नौसेना के अधिकारियों का एक से बढ़कर एक घोटाला मैनें सुना और देखा है | एक से बढ़कर एक गिरी हुई हरकत | जब भी मैं सोचता हूँ कि ये लोग इतना नीचे गिर चुके हैं और इससे ज्यादा क्या गिरेंगे, तभी नौसेना के अधिकारी उससे भी बड़ी घटिया हरकत कर मुझे गलत साबित कर देते हैं | उसी का उदाहरण है यह लेख |

पाठकों में से कई लोगों को पता नहीं होगा तो उनकी जानकारी के लिए बता दूँ कि ५ फरवरी २०१९ को अन्न एवं औषध प्रशासन ( http://fda.maharashtra.gov.in/ ) ने कई दवा वितरकों पर छापे मारे और रक्षा विभाग के लिए बनाई गई लगभग साठ लाख की दवाई बरामद की | यह दवाई सेना, नौसेना और वायुसेना के अस्पतालों के लिए बनाई गई थी लेकिन दवा वितरक इस पर से CGHS का स्टाम्प मिटाकर निजी दवा दुकानों (Private Medical Stores) से बेच रहे थे | दर्जन भर FIR हुए और लगभग उतने लोग गिरफ्तार भी हुए | सभी बड़े-बड़े समाचारपत्रों में यह खबर छपी | इनमें से कुछ के लिंक दे रहा हूँ :

  1.      FDA raids traders ‘diverting’ drugs meant for defence : https://mumbaimirror.indiatimes.com/mumbai/crime/fda-raids-traders-diverting-drugs-meant-for-defence/articleshow/67860289.cms
  2.      E-pharma firm’s head, 12 others booked for diverting defence : https://mumbaimirror.indiatimes.com/mumbai/crime/e-pharma-firms-head-12-others-booked-for-diverting-defence-drugs/articleshow/68001821.cms
  3.      Two drug firms booked for ‘diverting consignments meant for defence personnel’ : https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/two-drug-firms-booked-for-diverting-consignments-meant-for-defence-personnel-5581186/
  4.      ६० लाखांच्या औषधांची जप्ती :   https://maharashtratimes.indiatimes.com/mumbai-news/seizure-of-60-lakhs-%20drugs/articleshow/67889137.cms
  5.      नौदलाच्या औषधांची बाजारात विक्री : https://www.esakal.com/mumbai/sales-navy-medicines-market-169469
  6.      १३ जणांवर गुन्हा दाखल : https://maharashtratimes.indiatimes.com/mumbai-news/13-cases-filed-against-them/articleshow/67965649.cms

अब सवाल यह उठता है कि दवा वितरकों के पास सेना के लिए बनी इतनी दवाईयाँ आई कैसे ? इसका जवाब मैं आपको देता हूँ | दवा कंपनियाँ इन दवाइयों को बनाकर, CGHS का स्टाम्प लगाकर सेना, नौसेना तथा वायुसेना को देती है | नौसेना के अधिकारी निजी दवा वितरकों से मिलकर इसपर से CGHS का स्टाम्प मिटाते हैं | फिर उस दवा की अदला-बदली ऐसी दवाइयों से की जाती है जिनके प्रयोग की अवधी समाप्त होने को हो |

आप लोगों को पता ही होगा कि हर दवा पर उसके प्रयोग की अंतिम तारीख ( Expiry Date ) लिखी होती है | कई बार दवाइयाँ नहीं बिकती और उनके प्रयोग की अंतिम तारीख नजदीक आ जाती है | Expiry Date के बाद वो दवा किसी काम की नहीं रहती | ऐसे में निजी दवा वितरकों को भारी नुकसान होने की संभावना रहती है | ये दवा वितरक हमारी नौसेना के अधिकारियों को रिश्वत देकर इन दवाइयों को CGHS के लिए बनी दवाइयों से अदला बदली कर लेते हैं | नौसेना द्वारा उसे सिविलियन्स के लिए बने अस्पतालों में मरीजों को देने के लिए भेज दिया जाता है | आप में से जो लोग नियमित रूप से नौसेना के अस्पतालों से या CGHS से दवाईयाँ लेते हैं, उन्होंने नोट किया होगा कि उन दवाइयों की प्रयोग की अंतिम तारीख ( Expiry Date ) नजदीक होती है |

अक्टूबर २०१८ में नौसेना ने डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग, मुंबई में बने नौसेना अस्पताल में इस घोटाले को पकड़ा | जाँच शुरू हुई, कई अधिकारियों के नाम आने लगे | यह भी माँग उठी कि इतने गंभीर मामले की जाँच पुलिस को दे दी जाए | लेकिन ऐसे में नौसेना के वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर वाईस एडमिरल गिरीश लूथरा डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग निरिक्षण के बहाने से आये | उन्होंने अस्पताल प्रशासन और नौसेना अधिकारियों को तुरंत जाँच बंद करने का आदेश दिया | साथ में अस्पताल प्रशासन को यह निर्देश भी दिया कि जल्दी से जल्दी, ज्यादा से ज्यादा दवाईयाँ मरीजों को देकर उन दवाइयों के स्टॉक को ख़त्म कर दिया जाये |

उसके बाद से जाँच बंद | डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग के नौसेना अस्पताल ने थोक के भाव से दवाइयाँ बाँटनी शुरू की | डॉक्टर मरीज को एक दवा के बदले चार दवा देने लगे भले मरीज को जरुरत हो या न हो | नवम्बर २०१८, दिसंबर २०१८ तथा जनवरी २०१९ यही चलता रहा | डाकयार्ड कॉलोनी के कई रहिवासियों ने, जो उस दौरान नौसेना अस्पताल गए थे, इस बात का अनुभव किया था | तीन महीने तक मरीजों की सेहत से खिलवाड़ होता रहा |

मैं डाकयार्ड कॉलोनी, कांजुर मार्ग के निवासियों से कहूँगा कि वो नौसेना के अस्पताल से कभी दवाई न ले | भले पैसा खर्चा हो, प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराये | नौसेना के अधिकारी पैसे के लिए कब हमें बेच दे, कब जहर पिला दे, इसका कोई अंदाजा नहीं |

( लेख पूरा नहीं है, अगले भाग का इंतज़ार करें | )

(आजके लिए इतना ही काफी है | बाकी किसी और दिन | नौसेना के भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ebharat.net | मुझसे संपर्क करके अपने विचार जरुर बताएँ | मेरा मेल है : [email protected])

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *