नौसेना ने की डाकयार्ड कर्मचारियों के बच्चों को घर से निकालने की तैयारी

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डाकयार्ड के कायर और मुर्ख कर्मचारियों के बुरे दिन कभी भी शुरू हो सकते हैं | मै कई बार लिख चूका हूँ कि ये सफ़ेद वर्दी वाले हंस के भेष में छुपे बगुले हैं जो सिर्फ लूटना जानते हैं | पर मुर्ख डाकयार्ड कर्मचारी व उनके भ्रष्ट यूनियन प्रतिनिधि अपना सिर रेत में छुपाकर बैठे हैं | नतीजा एक-एक कर सामने आ रहा है |

डाकयार्ड कॉलोनी की जमीन को गैरकानूनी तरीके से अपनी पत्नी के मित्र किरण मोरे को तोहफे में देनेवाले भारतीय नौसेना के कलंक एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी के आशीर्वाद से डाकयार्ड कर्मचारियों के बच्चों को घर से निकालने की तैयारी हो चुकी है |

नौसेना ने पवई तथा उल्हासनगर के डाकयार्ड कर्मचारियों के लिए यह आदेश जारी कर दिया है कि वो अपने पुत्र तथा पुत्रियों को अपने घर पर नहीं रख सकते यदि वे विवाहित हो या २५ वर्ष पूरे कर चुके हो | वैसे तो यह नियम पहले भी था पर केवल एम.ई.एस. के कर्मचारियों को परेशान करने के लिए ही प्रयोग किया जाता था | अब डाकयार्ड कर्मचारियों के बच्चों पर भी यह नियम लागू होगा | फिलहाल तक डाकयार्ड कर्मचारियों के बच्चों को २५ वर्ष पूरे होने पर भी एक वर्ष के लिए कॉलोनी का गेट पास बनाकर मिल जाता था | अब से बनकर नहीं मिलेगा | घरों में नौसेना के डाकू जब शराब पीकर रात को ग्यारह-बारह बजे चेकिंग के लिए आएँगे तो अपने बच्चों को छुपाते फिरना |

मैं नौसेना के खिलाफ अपनी आवाज दुबारा मुखर करने जा रहा हूँ | डाकयार्ड के सारे यूनियन वाले तो नौसेना प्रशासन की गोद में जा बैठे हैं | लाल बावटा का पी.बी. पाणिग्राही तो दिन रात एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले के तलवे चाट रहा है क्योंकि उसकी जोरदार कमाई चल रही है | लाल बावटा पूरी तरह हफ्ता वसूली यूनियन बन चुकी है | कॉलोनी में होनेवाले गलत कामों को न रोकने के बदले उसके पदाधिकारी पैसा ले चुके हैं | उनसे कोई उम्मीद नहीं | बाकी यूनियन वाले डरकर अपने घर में दुबक कर बैठे हैं |

डाकयार्ड कमर्चारियों के लिए अब निर्णय का समय आ चूका है | या तो वो डाकयार्ड प्रशासन से खुद लड़ना सीख ले या तो फिर कोई ईमानदार और किसी भी हालत में डाकयार्ड प्रशासन से समझौता न करनेवाला कोई नया यूनियन का नेता ढूँढे | नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब कमांडर मुजावर, कमांडर रामचंद्र, एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जैसे भ्रष्ट लोगों का लात डाकयार्ड कर्मचारियों के पेट पर पड़ेगा |

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