मुंबई के पार्कसाइट विक्रोली में नितिन देशमुख गिरोह का आतंक, महिला को दिन दहाड़े लूटा

Nitin Deshmukh (left) Tadipar Criminal Jigar Murkar (right)
Nitin Deshmukh (left) Tadipar Criminal Jigar Murkar (right)

मुंबई का पार्क साइट विक्रोली क्षेत्र कोरोना और लॉकडाउन के समय में अपराधियों के लिए स्वर्ग बन गया है | आए दिन मारपीट, लूटपाट और चोरी की घटनाएँ सामने आ रही हैं | कोरोना के कारण सुनसान पड़ी सड़कों और गलियों के कारण अपराधियों का काम आसान हो गया है | पार्कसाइट पुलिस इन अपराधियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है | कई मामलों में तो पुलिस अपराधियों को बचाने का काम भी कर रही है |

ऐसा ही एक घटना अभी सप्ताह भर पहले हुई है | 28 जून को शाम 5 बजे के दौरान जिगर मुरकर, गणेश निवाते, ऋषिकेश बागुल व मनोज त्रिभुवन नामक चार अपराधियों ने दिन दहाड़े एक महिला को लूट लिया था | महिला ने गले में सोने की चेन पहनी थी, उसी पर इन अपराधियों की नजर थी | महिला ने जब विरोध किया तो छीना झपटी में चारों अपराधियों ने महिला को काफी मारा-पीटा | महिला की आवाज सुनकर उसकी सहायता करने गए राजेश केवट नामक एक व्यक्ति को भी खूब पिटाई कर दी |

पीड़ित महिला अपने साथ हुई घटना की शिकायत दर्ज कराने पार्क साइट पुलिस स्टेशन पहुँची | पुलिस ने जैसे ही चारों अपराधियों जिगर मुरकर, गणेश निवाते, ऋषिकेश बागुल व मनोज त्रिभुवन का नाम सुना, वैसे ही पुलिस के हाथ पाँव ठंडे पड़ गए | उन्होने घटना की शिकायत दर्ज करने से साफ इन्कार कर दिया | पुलिस जानती थी कि यह चारों नितिन देशमुख गिरोह के सदस्य है | इन चारों पर पहले से पार्क साइट पुलिस स्टेशन में कई मामले दर्ज है | जिगर मुरकर को तो लंबे समय के लिए मुंबई से तड़ीपार भी किया गया था | इन चारों को अब नितिन देशमुख का आशीर्वाद भी प्राप्त है | नितिन देशमुख मुंबई राष्ट्रवादी युवक काँग्रेस के कार्याध्यक्ष है और मंत्री जितेंद्र आवहाड़ के काफी करीबी हैं | मंत्रीजी सोशल मीडिया पर नितिन देशमुख को अपना भाई भी बता चुके हैं |

नितिन देशमुख अपने गिरोह के सदस्यों को बचाने के लिए समय-समय पर पार्क साइट पुलिस को फोन कर उन पर दबाव बनाते रहते हैं | इसलिए पार्क साइट पुलिस को पहले से पता था कि चारों अपराधी नितिन देशमुख गिरोह के हैं | उन्होने मामला दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया | लेकिन नितिन देशमुख गिरोह के दुर्भाग्य से पीड़ित महिला आरपीआई पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता निकली | उसने स्थानीय समाजसेवकों के साथ मिलकर पुलिस पर इतना दबाव बनाया कि घटना के दूसरे दिन 29 जून को पुलिस को तड़ीपार जिगर मुरकर और उसके साथियों के विरुद्ध एफ़आईआर दर्ज करनी पड़ी |

एक महिला के साथ हुई मारपीट और लूटपाट के मामले मे एफ़आईआर दर्ज करने में पार्कसाइट पुलिस को 24 घंटे से अधिक समय क्यों लगा, इस बात का पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही है | सोचिए वो महिला यदि आरपीआई पार्टी की कार्यकर्ता न होकर, कोई आम महिला होती तो ? न एफ़आईआर हो पाता और न कभी न्याय मिल पाता |

इस लेख में इतना ही | अगले लेख में मैं आपको बताऊंगा कि अपने गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध हुए एफ़आईआर से बौखलाए नितिन देशमुख ने किस तरह पुलिस के साथ मिलकर पीड़ित महिला को प्रताड़ित करना शुरू किया है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *