कॉलोनी के मंदिरों पर नेवल एम्प्लाइज यूनियन (लाल बावटा) के अध्यक्ष पी. बी. पाणिग्रही ने लगाया ग्रहण

p-b-panigrahi-with-admiral-superintendent-sanjeev-kale
p-b-panigrahi-with-admiral-superintendent-sanjeev-kale

आप लोगों ने मेरा २६ दिसंबर २०१६ को लिखा लेख : डाकयार्ड कॉलोनी के मंदिरों पर नेवल डाकयार्ड प्रशासन की काली नजर जरूर पढ़ा होगा | न पढ़े हो तो लिंक पर क्लिक करके पढ़ लें | जैसा कि मैनें पिछली बार आपको बताया था कि नेवल डाकयार्ड प्रशासन कॉलोनी के मंदिरों को अपने कब्जे में लेना चाहता है, और इस काम में उनका साथ दे रहे हैं हमारे एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी के परम मित्र तथा नेवल एम्प्लाइज यूनियन (लाल बावटा) के अध्यक्ष पी. बी. पाणिग्रही | इस काम के लिए समिति भी गठित हो चुकी है |

जब से मैनें वो खबर लगाई है, तब से पी. बी. पाणिग्रही और उनके चमचों को इस बात की बड़ी मिर्ची लगी है | हर जगह बोल रहे हैं कि मेरी खबर झूठी है | व्यक्तिगत शत्रुता के कारण मैं ऐसा कर रहा हूँ | पी. बी. पाणिग्रही जी हर जगह भावुक बातें कर लोगों को बता रहे हैं कि उन्होंने लोगों केलिए क्या-क्या किया है | लोगों के लिए डाकयार्ड प्रशासन से लड़ाई लड़ी है | और भी पता नहीं क्या-क्या कहानियाँ सुना रहे हैं |

श्री पी. बी. पाणिग्रही ने डाकयार्ड के कर्मचारियों के लिए क्या-क्या किया है, मुझे पता नहीं | हो सकता किया है, जो वो बोल रहे हैं, उन्होंने वो किया हो | हो सकता है न भी किया हो, सिर्फ बातें बना रहे हों | पर मुझे इतना जरूर पता है कि वो कॉलोनी के मंदिरों को कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे नेवल डाकयार्ड प्रशासन का साथ दे रहे हैं | इस लेख द्वारा मैं पी. बी. पाणिग्रही के चमचों की बातों का जवाब दे रहा हूँ | मूर्खों ने बेकार की बक-बक करके सर में दर्द कर दिया है |

1) पी. बी. पाणिग्रही के चमचे : डाकयार्ड प्रशासन और यूनियन की ऐसी कोई मीटिंग हुई ही नहीं है |
मेरा जवाब : मीटिंग हुई थी | मिनट्स ऑफ़ मीटिंग में १४ दिसंबर २०१६ की तारीख लिखी हुई है | मीटिंग के अध्यक्ष एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले थे |

2) पी. बी. पाणिग्रही के चमचे : मीटिंग में मंदिर के बारे में कुछ चर्चा नहीं हुई |
मेरा जवाब : मिनट्स ऑफ़ मीटिंग का पॉइंट (j) जिसमें लिखा है :
“It was proposed to form a Committee under the aegis of AO (P) with adequate representation of Yard personnel to ensure better and fair practices in management of funds of existing places of worship in the colony. The forum agreed to proposal.”

3) पी. बी. पाणिग्रही के चमचे : पी. बी. पाणिग्रही का इस निर्णय में कोई हाथ नहीं है |
मेरा जवाब : पी. बी. पाणिग्रही उस मीटिंग में थे | उन्होंने खुद यह बात सामने रखी कि मंदिर का नियंत्रण नेवल डाकयार्ड प्रशासन को अपने हाथों में ले लेना चाहिए | मीटिंग के दौरान मौजूद सदस्य थे : रविन्द्र यादव, ऐश्वर्या रतुरी, बी पी कोयंडे, हरीश शेट्टी, पी बी पाणिग्राही, ऍफ़ वाय कलावे, टी. के. सरकार, एन. के. पांडे, डी. के. कोचारे आदि | इनमें से जिससे भी आपके अच्छे संबंध हो, आप लोग उनसे पूछ के स्वयं सच्चाई का पता लगा ले |

4) पी. बी. पाणिग्रही के चमचे : कोई समिति नहीं बन रही है |
मेरा जवाब : मिनट्स ऑफ़ मीटिंग में लिखा हुआ है कि समिति बनेगी | कॉलोनी के विकास के नाम पर एक समिति बनी भी है, जिसके सदस्य हैं : जनार्दन गुरव, भगवान कायंडे तथा कुलवीर सिंह सैनी | अब यही समिति मंदिर की चाभी नेवल प्रशासन के हाथ में देगी या कोई और, इसका पता नहीं |

4) पी. बी. पाणिग्रही के चमचे : मैं व्यक्तिगत शत्रुता से ऐसा कर रहा हूँ |
मेरा जवाब : मेरी पाणिग्राही जी से कोई व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है | मैं सिर्फ और सिर्फ नेवल डाकयार्ड के कुकर्मों का विरोध करने के लिए लिखता हूँ |

मेरे पास मिनट्स ऑफ़ मीटिंग की एक प्रति पड़ी हुई है | पी. बी. पाणिग्रही के चमचे लोगों को गुमराह करने की कोशिश न करे | मैं जो लिखता हूँ उसका सबूत जेब में लेकर घूमता हूँ |

कॉलोनीवासियों के लिए एक और बुरी खबर है | पहले डाकयार्ड प्रशासन मंदिरों को अपने नियंत्रण में लेना चाहता था क्योंकि उन्हें लगता था कि मंदिरों में खुद चढ़ावा आ रहा है | शायद उन्हें पता चल गया है कि मंदिरों में पैसा नहीं के बराबर आता है | अब वो मंदिरों को नियंत्रित करने के बजाय उनपर कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तोड़ना चाहते हैं | यह लगभग पक्की खबर है पर थोड़ी सी शक की गुंजाइश अब भी बाकी है | मैं कुछ दिनों में पता लगाकर बताऊँगा |

लेकिन यदि यह बात सच निकली और मंदिरों पर कार्रवाई हुई, तो डाकयार्ड प्रशासन और पी. बी. पाणिग्रही दोनों के लिए बहुत शुभ न होगा | अपनी व्यक्तिगत दोस्ती या दुश्मनी को यदि कोई मंदिर तक ले जाता है, तो यह उसका दुर्भाग्य है | पाणिग्रही जी, एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी हमेशा के लिए यहाँ नहीं रुकनेवाले | जिस तरह से डाकयार्ड संभाल रहे हैं, उससे कब उनका ट्रांसफर हो जाए, पता नहीं | फिर वो आपका फ़ोन तक नहीं उठाएँगे | आपको हमारे साथ रहना-उठना-बैठना है | रोज हमारा चेहरा देखना है | आप जो करे वो आपकी इच्छा | मेरा सुझाव यही होगा कि मंदिर वाले मामले में डाकयार्ड प्रशासन का साथ न दे बल्कि उनका विरोध करें | यदि एक भी मंदिर को आँच आ जाती है तो फिर आपकी कोई सफाई काम नहीं आएगी | बाकी आपकी मर्जी |

One thought to “कॉलोनी के मंदिरों पर नेवल एम्प्लाइज यूनियन (लाल बावटा) के अध्यक्ष पी. बी. पाणिग्रही ने लगाया ग्रहण”

  1. ये बांये हाथ से खाने वाले होते ही ऐसे हैं। जब टट्टी और खाने में फर्क ही नहीं है तो काम अच्छा कैसे करेगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *