पार्क साइट विक्रोली के भ्रष्ट सीनियर इंस्पेक्टर विलास जाधव को मिलनी शुरू हुई उनके कुकर्मों की सजा

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जैसा कि ज्यादातर पाठक जानते हैं विक्रोली का पार्क साइट पुलिस स्टेशन एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचारियों से भरा पड़ा है | पैसे के लिए किसी भी हद तक गिरकर अपना ईमान धर्म बेचना उनके चरित्र का हिस्सा है | इन सबमें भ्रष्टाचार, बेईमानी और दगाबाजी के लिए फिलहाल जो सबसे कुख्यात है वो है पार्क साइट विक्रोली के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विलास जाधव |

स्वभाव से ही आलसी, कामचोर होने के साथ-साथ विलास जाधव अव्वल दर्जे के झूठे और भ्रष्ट भी है | ड्यूटी के समय आधा वक्त एयर कंडीशन चालू कर बिस्तर लगाकर सोते रहते हैं | पैसे के लिए विलास जाधव दिन का रात और रात का दिन भी कर सकते हैं | झूठा केस बनाना, अपराधियों को बचाना, हफ्तावसूली यह उनकी कमाई के मुख्य जरिये हैं | यह सब करके बहुत माल कमाया है विलास जाधव ने | लेकिन ऐसे कुकर्म कब तक छुपेंगे ? धीरे-धीरे चीजें बाहर आनी शुरू हो गयी है | महाराष्ट्र राज्य पुलिस शिकायत आयोग (SPCA) ने विलास जाधव के विरुद्ध विभागीय जाँच का आदेश दे दिया है | ज्यादा जानकारी के लिए आप यह समाचार पढ़ सकते हैं : DCP, Senior PI Found Guilty Of Skirting Probe In Criminal Offence

इस समाचार को पढ़कर आप लोगों को साफ़ पता चल जाएगा कि किस तरह एक भूमाफिया को बचाने के लिए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विलास जाधव तथा जोन सात के उपायुक्त अखिलेश सिंह ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया | भूमाफिया जगदीश डंगवाल एक NGO दीपक सेवा संघ की जगह हड़पना चाहता था | उसने नकली कागजात बनाकर बिजली का बिल अपने नाम करा लिया | जैसे ही NGO के अध्यक्ष गुरुनाथ पेडनेकर को इस बात का पता चला तो उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी | लेकिन काम इतना आसान नहीं था | वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विलास जाधव तथा जोन सात के उपायुक्त अखिलेश सिंह दोनों बिक चुके थे | उन्होंने FIR न लिखने से लेकर जमानत दिलाने तक हर कदम पर भूमाफिया जगदीश डंगवाल का पूरा साथ दिया | यह तो शिकायतकर्ता की बहादुरी निकली की वह अपनी शिकायत पर अड़ा रहा और SPCA में जाकर आवेदन दिया | SPCA के अनुभवी अधिकारियों ने तुरंत विलास जाधव तथा अखिलेश सिंह की धूर्तता पकड़ ली | SPCA के दबाव में भूमाफिया जगदीश डंगवाल पर FIR तो हुआ ही, विलास जाधव तथा अखिलेश सिंह के विरुद्ध विभागीय जाँच का आदेश भी निकल गया |

अब विलास जाधव जी ने रोना-गाना मचाया हुआ है | चोरी पकड़ी जो गयी है | पर अभी तो यह शुरुआत है | ऐसे कई मामले अभी सामने आएँगे | कोर्ट में तथा SPCA में शिकायत होगी | भ्रष्टाचार के किस्से छपेंगे | समाज में लोगों के सामने चेहरे पर कालिख पुतेगी | आखिर कर्मों की सजा सबको भुगतनी है, चाहे वो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विलास जाधव हो या उपायुक्त अखिलेश सिंह या चाहे कोई और | बस समय का इंतज़ार करना पड़ता है |

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