नौसेना के दूधचोर कमांडर ललित शर्मा द्वारा मजदूरों का शोषण जारी, अपनी चोरी पकड़ी जाने पर ले रहे हैं बदला

दूधचोर कमांडर आय एस कुमार तथा कमांडर ललित शर्मा
दूधचोर कमांडर आय एस कुमार तथा कमांडर ललित शर्मा

उम्मीद है कि आप पाठकों ने दूधचोर कमांडर ललित शर्मा के बारे में मेरा पिछला लेख पढ़ा होगा | न पढ़ा हो तो कृपया यह लिंक क्लिक करके पढ़ लें : नौसेना के कमांडर आय एस कुमार तथा कमांडर ललित शर्मा बने दूध चोर, दिन के एक लीटर दूध के लिए अपना ईमान बेचा |

मुझे लगा मेरे पिछले लेख के बाद शर्मिंदगी की वजह से कमांडर ललित शर्मा के व्यवहार में थोडा बहुत सुधार जरूर होगा, वो नेवल डाकयार्ड मुंबई के मजदूरों को तंग करना बंद कर देंगे | लेकिन मेरी वो उम्मीद हवा के झोंके के साथ बह गई | हमारे नौसेना अधिकारी इंसानियत कब का बेच खाए हैं | देश की सुरक्षा तो वो रोज टुकड़ों-टुकड़ों में बेच ही रहे हैं | हमारे ललित शर्मा जी भी अपनी ख्याति के अनुरूप ही निकले |

मेरे पिछले लेख लिखने के बाद से बेचारे आग बबूला हैं | सारे सिविलियन्स पर गुस्सा निकाल रहे हैं | खासकर मजदूरों पर | सबका ओवरटाइम बंद कर दिया गया है | सुबह सबको ठीक नौ बजे आना जरुरी है और शाम को भी कोई समय से एक मिनट पहले अपनी जगह से नहीं हिल सकता | लंच टाइम आधे घंटे से एक मिनट ऊपर नहीं | एकदम कड़ाई से समय की पाबंदी और सबसे काम के एक-एक मिनट का हिसाब ले रहे हैं | बीच-बीच में जब भी उनके दिमाग पर फितूर चढ़ता है, अचानक खड़े होकर सिविलियन्स पर चिल्लाने लगते हैं कि तुम सबने मेरे साथ गद्दारी की है | मजदूरों के मोबाइल फ़ोन के प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी है, सिर्फ नौसेना के भ्रष्ट अधिकारी ही मोबाइल फ़ोन का प्रयोग कर सकते हैं | कमांडर ललित शर्मा ने मजदूरों को सीधे-सीधे धमकी भी दे दी है कि भले पूरे नेवल डाकयार्ड मुंबई का दूध बंद करना पड़े लेकिन मैं तुम लोगों को दूध मिलने नहीं दूँगा |

अब जहाँ तक समय की पाबंदी वाली बात है, वो तो शर्मा जी ने अच्छा ही किया है | सबको अनुशासन में ला दिया | ज्यादातर सरकारी नौकर कामचोर होते हैं, समय बरबाद करते हैं | उनसे कड़ाई से काम करवाना अच्छी बात है | लेकिन परेशानी यह है कि उसी कार्यालय में काम करनेवाले नौसेना के अधिकारियों पर यह नियम लागू नहीं हो रहा | वो अपनी मर्जी से अपने समय पर आते हैं, अपने मर्जी से चले जाते हैं | खुद ललित शर्मा नौ के बजाय ग्यारह से बारह बजे के बीच में ही आते हैं | रोज दो से तीन घंटा लेट | सुबह नौ से ग्यारह बजे तक वो नकली बिल पास करने का उपाय सोचते हैं | बाकी पूरा दिन मजदूरों को परेशान करने का उपाय सोचने में लगाते हैं जैसे – मोबाइल प्रयोग पर पाबंदी या दूध बंदी |

पाठकों की जानकारी के लिए बता दूँ कि सी.सी.टी.वी. घोटाले में लक्ष्मी सेल्स नामक कंपनी से संजीव काले तथा भूपेश अनेजा के साथ ललित शर्मा ने भी मोटी रिश्वत ली है | यदि आपने सी.सी.टी.वी. घोटाले के बारे में न पढ़ा हो तो यह लिंक क्लिक करके पढ़ें : नौसेना के रिश्वतखोर कप्तान भूपेश अनुजा ने सीसीटीवी कैमरों का नकली बिल पास किया, भ्रष्टाचार छुपाने के लिए फाइल चुराया | इस घोटाले में ललित शर्मा के रोल के बारे में किसी और दिन लिखूँगा |

तो दूधचोर / कामचोर ललित शर्मा जी सुधर जाइए | भगवान आपको पहले से आपके कर्मों की सजा दे रहा है | हराम का पैसा और मजदूर की हाय आपको कभी चैन से सोने नहीं देगी | और किसी ने आपके साथ गद्दारी नहीं की है | मजदूरों का दूध छीन कर आपने उनके साथ अन्याय किया है और इनकोडिंग डिपार्टमेंट में बैठकर फ्रॉड बिल पास कर देश के साथ आप गद्दारी कर रहे हो |

(आजके लिए इतना ही काफी है | बाकी किसी और दिन | नौसेना के भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ebharat.net | मुझसे संपर्क करके अपने विचार जरुर बताएँ | मेरा मेल है : [email protected])

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