विक्रोली मुंबई : पैसे और नौसेना की मुफ्त शराब के लिए बिक गया पार्क साइट पुलिस का इंस्पेक्टर अंबाजी सावंत

Inspector Ambaji Sawant
Inspector Ambaji Sawant

आज आप लोगों के सामने खाकी वर्दी में छुपे एक और बेईमान पुलिस कर्मचारी की पोल खोल रहा हूँ | ये महाशय विक्रोली पश्चिम में स्थित पार्क साइट पुलिस स्टेशन में निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पद पर कार्यरत हैं, नाम है अंबाजी सावंत | नाम देखिये कितना पवित्र ! देवी माता का नाम | लेकिन ईमान उतना ही ज्यादा कलंकित |

अंबाजी सावंत को डाकयार्ड कॉलोनी के भूतपूर्व सिक्योरिटी इंचार्ज आमचोर/बीवीचोर सुरेश अवस्थी के विरुद्ध जाँच का जिम्मा दिया गया था | आमचोर अवस्थी के विरुद्ध उसी के मातहत काम करनेवाले एक सिक्योरिटी गार्ड ने चरित्रहीनता का आरोप लगाया था | आरोपों के अनुसार अवस्थी ने गार्ड की पत्नी को गैरकानूनी रूप से डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग में रखवाया हुआ था और दोनों के बीच गलत संबंध भी थे |

सिक्योरिटी गार्ड की पत्नी को अवस्थी ने डाकयार्ड कॉलोनी के एम ई एस क्वार्टर क्र P/१३ में किसी मनोज कनोजिया के घर ठहराया हुआ था | इंस्पेक्टर अंबाजी सावंत ने जाँच के लिए जब सिक्योरिटी गार्ड की पत्नी को बुलाया तो उसने पुलिस स्टेशन में यह स्वीकार किया कि वह डाकयार्ड कॉलोनी में रह रही है और आमचोर/बीवीचोर अवस्थी उसे सिक्योरिटी सुपरवाइजर शिवा के जरिये पैसा भी देते रहते हैं |

जिन पाठकों को पता न हो उनको बता दूँ कि डाकयार्ड कॉलोनी कांजुर मार्ग, नौसेना के अंतर्गत आता है | यहाँ सिर्फ डाकयार्ड तथा एम ई एस के कर्मचारी और उनका परिवार ही रह सकता है | ऐसे में सिक्योरिटी गार्ड की पत्नी का यह बयान कि वह डाकयार्ड कॉलोनी में रह रही है, आमचोर/बीवीचोर अवस्थी को डाकयार्ड कॉलोनी का सिक्योरिटी इंचार्ज होने के कारण मुसीबत में डाल देता | इसलिए आमचोर/बीवीचोर अवस्थी ने बचने के लिए तुरंत इंस्पेक्टर अंबाजी सावंत से संपर्क किया |

अवस्थी को पता है कि अपना जमीर बेच कर पैसा कमाने के मामले में मुंबई पुलिस के कर्मचारी नौसेना के अधिकारियों को जोरदार टक्कर देते हैं | इसलिए उसने तुरंत अंबाजी सावंत की सेवा में नौसेना की कैंटीन में मिलनेवाली मुफ्त शराब की बोतलें और दस हजार रुपये हाजिर कर दिए | फिर क्या था, शराब की बोतलें देखकर अम्बाजी सावंत के मुँह से लार टपक पड़ी | उसने तुरंत अवस्थी को अपना माई-बाप मान लिया और पुरानी रिपोर्ट कचरे के डब्बे में डाल दी | तुरत-फुरत में मनोज कनोजिया को बुलाया गया, साथ में उसे कहा गया कि अड़ोस-पड़ोस के दो ख़ास मित्रों को भी ले आये | मनोज कनोजिया से बयान लिखवाया गया कि सिक्योरिटी गार्ड की पत्नी उसके घर नहीं रहती | बाकी दोनों को गवाह बनाया गया | शराब और पैसा मिलने के बाद इंस्पेक्टर अंबाजी सावंत की काम करने की तेजी देखते ही बनती थी |

सिक्योरिटी गार्ड की पत्नी डाकयार्ड कॉलोनी में लंबे समय से रह रही थी | एम ई एस क्वार्टर में रहनेवाले किसी भी व्यक्ति को पूछो तो वो तुरंत बता देगा | सब उसे जानते हैं | अब बताइये एक शादीशुदा स्त्री पराये पुरुष के साथ एक ही कमरे वाले घर में रहे तो आधी दुनिया में प्रचार हो ही जाएगा न | लेकिन अंबाजी सावंत उस आधी दुनिया के लोगों में नहीं आते | उनके कान तक बात नोटों के रास्ते पहुँचती है | आमचोर/बीवीचोर अवस्थी के नोटों ने उनके कान में कह दिया था कि सिक्योरिटी गार्ड की पत्नी वहाँ नहीं रहती, मतलब नहीं रहती | सच्चाई क्या है, दुनिया क्या कहती है, इन सब झमेलों में वो नहीं पड़ते | उन्होंने बढ़िया सी रिपोर्ट बना दी और अवस्थी को मुसीबत से बचा लिया | आखिर पुरानी कहावत को भी तो सच साबित करना था : चोर-चोर मौसेरे भाई |

(आप लोगों की अतिरिक्त जानकारी के लिए बता दूँ कि इंस्पेक्टर अंबाजी सावंत पार्क साइट पुलिस स्टेशन के सबसे कुख्यात कर्मचारियों में से एक है | पार्क साइट पुलिस स्टेशन के जितने दलाल है वो इन्ही के द्वारा पैसों का लेन- देन करते हैं और बाकी पुलिसवालों तक हिस्सा पहुँचता है |)

One thought to “विक्रोली मुंबई : पैसे और नौसेना की मुफ्त शराब के लिए बिक गया पार्क साइट पुलिस का इंस्पेक्टर अंबाजी सावंत”

  1. Yeh Ambaji sawant ne igarib parivar k khilaf jhuti FIR ki hai. Yeh ek no. ka rishwat khor hai aur apni vardi ka galat fayda utha raha hai.

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