नेवल डाकयार्ड वर्क्स कमिटी के सदस्य एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट के चापलूस बने

lion-gate-naval-dockyard

वर्क्स कमिटी के सदस्यों को बेचारे कामगार बड़ी उम्मीदों से चुन के भेजते हैं | उन्हें लगता है कि चुनाव के समय हाथ जोड़-जोड़कर वोट माँगने वाले उनके साथी चुन के जाने के बाद डाकयार्ड प्रशासन से उनके लिए लड़ेंगे, उनके हितों की रक्षा करेंगे | पर हर बार की तरह इस बार भी उल्टा ही हुआ है | वर्क्स कमिटी के सदस्य जाकर प्रशासन की गोद में बैठ गए हैं | रोज घंटों-घंटों की मीटिंग हो रही है | अब पता नहीं एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट और और वर्क्स कमिटी के सदस्य कौनसे युद्ध की तैयारी कर रहे हैं | इतनी देर रोज तो प्रेमी युगल भी बात नहीं करते जितनी देर यह लोग गप्पे लड़ाते हैं |

हमारी वर्क्स कमिटी के मेम्बेर्स जाकर वहाँ जाकर एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट की बस हाँ में हाँ मिलाते रहते हैं | उनके चमत्कारी व्यक्तित्व से वो पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं | एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) ने उन्हें साफ़-साफ़ बोल दिया है कि कॉलोनी में चल रह उनके किसी भी प्रोजेक्ट पर कोई आपत्ति नहीं उठाएगा | वर्क्स कमिटी के सारे सदस्य जिनका दिल चूहों जितना ही बड़ा है, बस हाँ साब-हाँ साब ही करते रह गए | विरोध करना तो छोड़िये, ये सारे सदस्य तो अपने एडमिरल साब को प्रशंसापत्र देने के लिए भी राजी हो रहे हैं |

मैं तो सारे डाकयार्ड के कर्मचारियों से कहूँगा कि वर्क्स कमिटी के सदस्यों को पकड़-पकड़ के पूछे कि किस ख़ुशी में प्रशंसापत्र देने जा रहे हो ? और यह जो फॅमिली एकोमोड़ेशन के सामने बैचलर एकोमोड़ेशन बन रहा है, उसका वो विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं ? उनके स्वयं के घर के आगे बैचलर एकोमोड़ेशन बने तो उन्हें स्वीकार होगा क्या ? एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट संजीव काले जी अपने घर के आगे क्यों नहीं बनवा लेते | जब जवान लडके नंग-धडंग, अपने अंतर्वस्त्रों में उनके घर के सामने घूमेंगे तब उन्हें समझ आएगा | या हो सकता ऐसा दृश्य देखने में उन्हें आनंद आए |

वर्क्स कमिटी के सदस्यों को मैं कहूँगा कि आप लोग किससे डर के चुप बैठे हो ? बाहर आकर जो डाकयार्ड प्रशासन को गालियाँ देते हो उसके बजाय काले जी के मुँह पर क्यों नहीं बोलते जो बोलना है ? किससे डर रहे हो ? संजीव काले जी ( Rear Admiral Sanjeev Kale / Admiral Superintendent Sanjeev Kale ) के पद से या उनके तथाकथित राजनैतिक संबंधों से ? आप लोग बिना डरे लड़ोगे तो कर्मचारी आपका साथ देंगे | आप लोग ही बिल में घुस जाओगे, बाहर बडबड करोगे और मीटिंग में दंडवत हो जाओगे तो अगले चुनाव में मुँह दिखाने लायक नहीं बचोगे | आपको लगता है कि साधारण डाकयार्ड के कर्मचारियों को कुछ पता नहीं लगता तो इस गलतफहमी में न रहे | अब से सब पता चलेगा | डाकयार्ड प्रशासन के साथ मीटिंग में बैठकर मेरे ब्लॉग पर SHAME-SHAME न करें | आपके निकम्मेपन के कारण मुझे यह ब्लॉग चलाना पड़ रहा है |

मेरी डाकयार्ड प्रशासन से भी प्रार्थना है कि कॉलोनी के बारे में निर्णय लेने से पहले वर्क्स कमिटी के सदस्यों से और कॉलोनी के लोगों से राय ली जाए | निर्णय लेने के बाद जानकारी देने का कोई मतलब नहीं है | आप गोरे अंग्रेज और हम काले भारतीय नहीं है कि आपने निर्णय थोप दिया और हम मान लेंगे | आपकी मुर्खता की सजा भोगने यहाँ नहीं बैठे हैं | यदि हमें भुगतना पड़ा तो आप भी भुगतोगे |

(जो लोग मुझे मेल के द्वारा ढेर सारी जानकारी और कागजात दे रहे हैं, मैं उनका शुक्रगुजार हूँ | मुझ पर भरोसा बनाए रखे, उसमें की एक-एक चीज प्रकाशित करूँगा | आप जितना ज्यादा सबूत नेवल डाकयार्ड प्रशासन के विरुद्ध भेज सके उतना ज्यादा अच्छा रहेगा | मुझसे संपर्क करने के लिए मेल करें : [email protected] )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *