मंत्रीपद के अहंकार में डूबे मुंबई के भाजपा विधायक आशीष शेलार ने विद्यार्थी की सहायता करने से किया इनकार

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किसी भी अयोग्य व्यक्ति को जब बिना उसकी मेहनत के कोई बड़ी प्रतिष्ठा का पद मिल जाता है तो उसका घमंड उसके सर चढ़ के बोलने लगता है | ऐसा ही कुछ हो रहा है महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री आशीष शेलार के साथ | आशीष शेलार मुंबई के बांद्रा पश्चिम से भाजपा के विधायक हैं | मंत्री बनने से पहले मुंबई भाजपा के अध्यक्ष थे | संगठन के पद पर रहते हुए बहुत ज्यादा मलाई मिल नहीं सकती थी, इसलिए चुनाव के छः महीने पहले हाथ-पैर मारकर मंत्री पद ले लिया है |

शेलार जी मंत्री तो बन गए हैं लेकिन उनका जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं है | जब मुंबई भाजपा के अध्यक्ष थे तब गुंडे पालने का शौक रखते थे | निलेश पराड़कर जो कि छोटा राजन का मुंबई में पूरा काम देखता है उसे भाजपा में आमंत्रित कर संगठन का पदाधिकारी बनानेवाले यही महानुभाव थे | जब मीडिया में इस बात को लेकर हंगामा मचा तो मजबूरी में निलेश पराड़कर को हटाना पड़ा | एक नामी गैंगस्टर को संगठन का पदाधिकारी बनाने के लिए जो बेशर्मी चाहिए वो आशीष शेलार में कूट कर भरी है |

पुरानी बातों को जाने दीजिये | मंत्री जी का नया कारनामा सुनिए | सेंट ज़ेवियर कॉलेज, फोर्ट, मुंबई का एक विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए जापान जाना चाहता है | उसका वहाँ एडमिशन भी हो गया | विदेशी संस्थाएँ भारतीय विद्यार्थियों से उनके डिग्री सर्टिफिकेट्स की ट्रांसक्रिप्ट माँगती है | विद्यार्थी ने जिन दो संस्थाओं में पढ़ाई की थी वहाँ ट्रांसक्रिप्ट के लिए आवेदन कर दिया | एक संस्था ने तो तीन दिन में ट्रांसक्रिप्ट दे दिया लेकिन सेंट ज़ेवियर कॉलेज १२-१३ दिन बीतने के बाद भी ट्रांसक्रिप्ट नहीं दे रहा था | उनका कहना था कि ट्रांसक्रिप्ट देने के लिए छः महीने लगते हैं | अब ऐसे में विद्यार्थी का जापान में जो एडमिशन हुआ था वो तो कैंसिल हो जाता | बार-बार प्रार्थना करने के बाद भी सेंट ज़ेवियर कॉलेज के वाईस प्रिसिपल का ह्रदय नहीं पसीजा |

दूसरा कोई समाधान न निकालता देख विद्यार्थी और उसके कुछ शुभचिंतकों ने सोचा कि मंत्री जी से सहायता ली जाए | किसी तरह से आशीष शेलार का फ़ोन नंबर निकाला गया | उन्हें फ़ोन कर मामले की पूरी जानकारी दी गयी | ट्रांसक्रिप्ट जल्दी मिलना क्यों जरुरी है, यह उन्हें बताया गया | सब जानने के बाद मंत्री जी ने सहायता करना तो दूर उल्टा फ़ोन करनेवाले से ही बदतमीजी शुरू कर दी| उनका कहना था कि उनके पास बहुत सारे काम है | कोई भी मुँह उठाकर उन्हें फ़ोन कर दे तो ऐसे वो हर किसी का काम नहीं कर सकते | कॉलेजों की जिम्मेदारी भी उनकी नहीं है | उन्हें ट्रांसक्रिप्ट क्या होता है यह पता नहीं था, न ही बताने पर समझ आया | उन्होंने विद्यार्थी की सहायता करने से साफ़-साफ़ इनकार कर दिया | उनकी बातों में उनके मंत्रीपद का घमंड साफ़ झलक रहा था | सहायता की उम्मीद में बैठी आम जनता उनके लिए चाय में पड़ी मक्खी की तरह है जिसे चुनाव के बाद उठाकर बाहर फेंकना होता है |

बहरहाल विद्यार्थी के शुभचिंतकों ने इस मामले को फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया में उठाया | जिसके दबाव में आकर सेंट ज़ेवियर कॉलेज ने विद्यार्थी को एक दिन में उसका ट्रांसक्रिप्ट दे दिया | चलिए अंत भला तो सब भला | फिर भी मैनें सोचा चलो आप लोगों को बता दूँ कि मोदी जी का चेहरा देखकर हमने कैसे-कैसे निकम्मों को अपना वोट दे दिया है |

रिश्वतखोर पुलिस इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगांवकर ने गैरकानूनी पार्किंग कराने के लिए विद्यार्थियों के आने-जाने का रास्ता बंद कराया

Inspector Narendra Talegaonkar
इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगांवकर

वो कहावत है न “ जब पैदा हुई पुलिस तो खुश हुआ इब्लीस, अब हम भी साहिबे औलाद हुए | ” अर्थात जब पुलिस पैदा हुई तो शैतान खुश हुआ कि मेरा बेटा पैदा हो चुका है | मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगांवकर पर यह कहावत बिलकुल सही बैठती है | तलेगांवकर फिलहाल ट्रैफिक डिपार्टमेंट में काम कर रहे हैं और वो गांधीनगर जंक्शन, लालबहादुर शास्त्री रोड, विक्रोली पश्चिम, मुंबई-८३ में स्थित बीट चौकी के इंचार्ज हैं |

पाठकों को पता ही होगा, सडकों पर जहाँ भी फ्लाईओवर बने होते हैं, उसके ठीक नीचे की जगह खाली पड़ी होती है | ऐसी जगहों पर कभी पार्किंग होने लगती है तो कभी अवैध निर्माण | कई बार आम लोग ही सड़क पार करने के लिए फ्लाईओवर के नीचे की जगह पसंद करते हैं क्योंकि फ्लाईओवर के अंतिम छोरों के नीचे की जगह खाली पड़ी होती है | जिससे वहाँ से सड़क पार करना आसान होता है |

इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगांवकर द्वारा तैयार कराये गए गैरकानूनी बैरिकेड
इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगांवकर द्वारा तैयार कराये गए गैरकानूनी बैरिकेड

गांधीनगर जंक्शन पर बने फ्लाईओवर के अंतिम छोर के एक तरह केंद्रीय विद्यालय है तो दूसरी तरह चंदन नगर | चंदन नगर से कई विद्यार्थी केंद्रीय विद्यालय जाते हैं और फ्लाईओवर के नीचे से ही सड़क पार करते हैं | वो जगह भी अभी तक खाली ही पड़ी थी | लेकिन पुलिस इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगाँवकर की बुरी नजर लंबे समय से उस जगह टिकी हुई थी | फ्लाईओवर के नीचे ज्यादातर जगहों पर उन्होंने गाड़ियों की गैरकानूनी पार्किंग कराकर खूब माल कमाया है | किसी भी दिन, किसी भी वक्त वहाँ जाओ तो सैकड़ों गाड़ियाँ खड़ी मिलेगी, कुछ पार्किंग की, तो कुछ भंगार होती हुई | यह सब ट्राफिक पुलिस की उस बीट चौकी के ठीक सामने है जिसके इंचार्ज इंस्पेक्टर तलेगाँवकर हैं | सिर्फ एक कोना बाकी रह गया था जहाँ से विद्यार्थी सड़क पार करते थे | तलेगाँवकर ने विद्यार्थियों का आना जाना रोकने के लिए वहाँ गैरकानूनी रूप से लोहे की शीट लगाकर बैरिकेड बनवा दिए | गैरकानूनी पार्किंग को तो वो हटवा नहीं सकते क्योंकि वहाँ से रिश्वत मिलती है, तो उन्होंने विद्यार्थियों पर ही अपना जोर दिखाया |

गैरकानूनी पार्किंग
गैरकानूनी पार्किंग

तलेगांवकर की इस हरकत से विद्यार्थी और उनके माँ-बाप परेशान | उन्हें अब गांधीनगर जंक्शन से सड़क पार करना पड़ रहा है जो काफी खतरनाक है | वहाँ गाड़ियों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही है | इसलिए सब अभिभावक इकट्ठा होकर बीट चौकी गए और तलेगांवकर से माँग की कि बैरिकेड को हटा दिया जाये | तलेगांवकर ने उनकी बात मानना तो दूर, उलटे कुछ को अपनी बीट चौकी में बंद करा दिया | साथ में पुलिस में FIR कराने की धमकी भी दी | कई घंटे बंद रखने के बाद जब स्थानीय राजनेताओं का फ़ोन आने लगा तो उन्होंने अभिभावकों को जाने दिया |

इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगाँवकर की इस गुंडागर्दी से परेशान होकर कई अभिभावकों ने भाजपा कार्यकर्ता सुधीर सिंह से सहायता माँगी | सुधीर सिंह ने मामले की जानकारी स्थानीय सांसद मनोज कोटक को दी | साथ ही साथ उन्होंने तलेगाँवकर के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी की शिकायत मुंबई पुलिस कमिश्नर से की | इसके अलावा तलेगाँवकर द्वारा किये गए अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए मनपा के S वार्ड में भी शिकायत दर्ज करा दी है | उम्मीद है उन्हें दोनों कार्यों में सफलता मिलेगी और चंदन नगर के विद्यार्थियों की असुविधा दूर होगी | लगता है इंस्पेक्टर नरेंद्र तलेगांवकर को उनके कुकर्मों की सजा मिलने का दिन आ गया है |

साइकिल चोर तथा दूध चोर बनने के बाद अब सीडी प्लेयर चोर बने नौसेना के कमांडर आय एस कुमार

दूधचोर, साइकिल चोर, सीडी प्लेयर चोर कमांडर आय एस कुमार तथा कमांडर ललित शर्मा
दूधचोर कमांडर आय एस कुमार तथा कमांडर ललित शर्मा

यदि आप नियमित रूप से ईभारत पढ़ते होंगे तो आपको नौसेना के कमांडर आय एस कुमार के बारे में पता ही होगा | यदि न पता हो तो यह दोनों लेख पढ़ लें :

  1. नौसेना का कमांडर आय एस कुमार निकला साइकिल चोर
  2. नौसेना के कमांडर आय एस कुमार तथा कमांडर ललित शर्मा बने दूध चोर, दिन के एक लीटर दूध के लिए अपना ईमान बेचा

अब कुमार साहब ने एक नया कारनामा किया है | वैसे नया कारनामा कहना गलत होगा | चोरी तो उनकी आदत है | डिपार्टमेंट में जितनी डायरी या नोटबुक आती है, सब उठा के घर ले जाते हैं | डिपार्टमेंट में टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ३ प्रतियाँ आती है | कुमार जी तीनों कॉपी उठा कर घर ले जाते हैं | नट बोल्ट हो या साबुन या कोई लोहे का टुकड़ा | उनसे कुछ नहीं बच सकता | उनकी इन हरकतों की वजह से जिस भी डिपार्टमेंट में वो जाते हैं, वहाँ हंगामा होता रहता है | उस डिपार्टमेंट के लोग उनके जाने के बाद भी उन्हें सालों तक याद रखते हैं |

आय एस कुमार अभी दो-तीन दिन पहले कहीं से किसी का सीडी प्लेयर उठा ले आये हैं | उसे कागज़ से पूरा कवर कर अपने कार्यालय में ही रख दिया | उनके कार्यालय के सारे कर्मचारी चिंतित ! अब क्या नया हंगामा होगा | उनमें से कुछ ने तो डिपार्टमेंट के इंचार्ज कमोडोर स्वामीनाथन बालकृष्ण से शिकायत करने की भी सोची है | लेकिन उसका कोई फायदा नहीं होने वाला | कमोडोर स्वामीनाथन बालकृष्ण खुद अतिभ्रष्ट है | नौसेना द्वारा आयोजित मेराथन में उन्होंने खूब माल बटोरा है | अब नए मेराथन की तैयारी हो रही है | कमोडोर साहब और माल बटोरेंगे | तो उनसे कुछ उम्मीद रखना बेमानी होगी |

मेरी राय में इनकोडिंग डिपार्टमेंट के कर्मचारियों एक पत्र नेवल डाकयार्ड के एडमिरल सुपरिन्टेन्डेन्ट को लिखना चाहिए | उसकी एक प्रति रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को भेजनी चाहिए | उस पत्र में कमांडर आय एस कुमार के सारे कारनामे लिखे | हर एक चुराई हुई चीज के बारे में बताएँ | यदि मन में डर हो तो बिना नाम के ही भेजें लेकिन भेजें जरुर | नहीं तो पूरे इनकोडिंग डिपार्टमेंट पर चोर होने का ठप्पा लग जाएगा |

इसके अलावा पाठकों की जानकारी के लिए बता दूँ कि कमांडर आय एस कुमार के परम मित्र दूधचोर कमांडर ललित शर्मा आज कल अपने भ्रष्ट साथी सी टी ए वसंत जाधव का ट्रान्सफर रोकने में लगे हैं | वसंत जाधव का ट्रान्सफर कोचीन आया है | जाधव जी दूधचोर कमांडर ललित शर्मा और कमांडर आय एस कुमार के अभिन्न साथी है | सारे घोटाले, सारी काले कारनामे उन्होंने मिलकर साथ में किये हैं | इसलिए वो उन्हें मुंबई से कोचीन जाने नहीं देना चाहते |

देखते हैं शर्मा जी, कब तक अपने साथी को बचाएँगे | कुछ दिनों पहले जो चार्जमैन की वेकेंसी निकली थी, वसंत जाधव उसके रिक्रूटमेंट बोर्ड में मेम्बर थे | इन लोगों ने ५-५ लाख रिश्वत लेकर डाकयार्ड के कर्मचारियों को चार्जमैन बना दिया | मामले की जाँच सीबीआई कर रही है | आज नहीं तो कल सी टी ए वसंत जाधव को रिश्वतखोरी का नतीजा भुगतना पड़ेगा |

आजके लिए इतना ही काफी है | बाकी मसाला किसी और दिन | नौसेना के भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ebharat.net | मुझसे संपर्क करके अपने विचार जरुर बताएँ | मेरा मेल है : [email protected]

मनोज कोटक : नया सांसद, नई उम्मीद – ईशान्य मुंबई

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अभी कुछ दिनों पहले समाप्त हुए लोकसभा चुनावों ने ईशान्य मुंबई को मनोज कोटक के रूप में एक नया सांसद दिया है | इस समय केंद्र में भी भाजपा की सरकार है | राज्य में भी भाजपा की सरकार है | मनोज कोटक भी भाजपा से ही हैं | ऐसे में स्थानीय लोगों की उम्मीदें उनसे काफी ज्यादा हैं |

मनोज कोटक सांसद बनने से पहले ३ बार नगरसेवक चुने जा चुके हैं | ऐसे में उन्हें राजनीति और समाज कार्य दोनों का तगड़ा अनुभव है | ज्यादातर नेता चुनाव के बाद एक लंबे समय तक आराम के मूड में रहते हैं | उन्हें सक्रिय होने में समय लगता है | लेकिन मनोज कोटक ने जो सक्रियता चुनाव के समय दिखाई थी, चुनाव के बाद भी उसी तरह सक्रिय है | फेसबुक में उनके आधिकारिक पेज https://www.facebook.com/ManojKotakBJP/ को देखने पर इस बात की साफ़ झलक मिलती है |

चुनाव जीते अभी कुछ दिन ही हुए हैं लेकिन उन्होंने भांडुप रेलवे स्टेशन को लाल बहादुर शास्त्री रोड से जोड़ने के लिए ईश्वर नगर के रास्ते एक नई सड़क के निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया है | ३ जून को उन्होंने महानगरपालिका अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्थानीय विधायक और नगरसेवकों के साथ मिलकर उस क्षेत्र का निरिक्षण किया है | उम्मीद है यह काम जल्दी से जल्दी शुरू होगा | इस काम के होते ही भांडुप पश्चिम से भांडुप रेलवे स्टेशन की तरफ जानेवाले यात्रियों को काफी आराम मिलेगा | इसके अलावा पवई तालाब के पास वृक्षारोपण तथा सफाई अभियान में भी वो शामिल हुए हैं | रोज किसी न किसी जनसंपर्क अभियान में शामिल होकर वो बाकी नेताओं के लिए बढ़िया उदाहरण पेश कर रहे हैं |

मैं स्वयं उनके पास कुछ स्थानीय समस्याओं को लेकर जानेवाला हूँ | इससें तीन मुख्य समस्याएँ निम्नलिखित है :

  • लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर फूटपाथ बनाने का काम चल रहा है | लेकिन यह फूटपाथ कई जगह खंडित है तो कई जगह कांट्रेक्टर ने पत्थर, मिटटी, पेवर ब्लाक के टुकड़े रख छोड़े हैं, तो कई जगह उन फूटपाथों पर अभी से अतिक्रमण हो चुका है | दक्षिण मुंबई में बने फूटपाथों से तुलना करने पर हमको पता चलता है कि किस तरह दोयम दर्जे का काम हुआ है |
  • मेट्रो के काम की वजह से लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पूरी तरह जाम रहता है | मेट्रो के काम को गति देकर जल्दी से जल्दी रास्ता साफ़ किया जाए | २०१९ की वर्षा तो इस सड़क से गुजरने वालों के लिए भयंकर गुजरेगी ही | २०२० में भी ऐसा न हो, इसकी कोशिश करनी है |
  • कांजुर मार्ग पूर्व में बने डंपिंग के कारण कांजुर पूर्व तथा विक्रोली पूर्व के निवासियों का जीना दूभर हो गया है | सब लोग चाहते हैं कि इस डंपिंग ग्राउंड को हटाया जाए | मुझे पता है कि इस समस्या का समाधान मुश्किल है | लेकिन क्या पता मनोज कोटक इस समस्या को सुलझाने के लिए कोई दूरगामी उपाय खोज लें |

इसके अलावा कुछ छोटे-मोटे स्थानीय मुद्दे हैं | जो एक-एक कर उनके सामने ले जाऊँगा | इस दिशा में आगे जो भी प्रगति होगी, उसकी जानकारी पाठकों को देता रहूँगा |

चौकीदार नरेंद्र मोदी गरीब चौकीदारों को भारतीय नौसेना के शोषण से बचाने में असमर्थ, चौकीदारों को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की शरण में जाना पड़ा

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सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने चुनाव के उद्देश्य से भले ही चौकीदार शब्द का जोरदार प्रयोग शुरू कर दिया हो लेकिन जमीनी तौर पर वो वास्तविक चौकीदारों की किसी भी तरह से सहायता नहीं कर रहे हैं | सोशल मीडिया पर तो उनके कई समर्थक चौकीदार बन गए हैं लेकिन वास्तविक जीवन में कोई भी गरीब चौकीदारों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा |

मामला मुंबई के कांजुरमार्ग पश्चिम में स्थित डाकयार्ड कॉलोनी का है | यह कॉलोनी नौसेना के अंतर्गत आती है | इस कॉलोनी के प्रशासनिक अधिकारी भारतीय नौसेना के कप्तान उस्मानी हैं | कॉलोनी में लगभग पैंतीस से चालीस चौकीदार काम करते हैं | लेकिन नौसेना के अधिकारी पचपन से साठ चौकीदार दिखाकर, उनका झूठा ओवरटाइम दिखाकर खूब हराम की कमाई खाते रहे हैं | यहाँ तक तो ठीक था लेकिन पिछले कुछ समय से नौसेना के अधिकारी इन चौकीदारों का पगार भी समय पर नहीं दे रहे हैं | डेढ़ वर्ष में चौकीदार ४ बार हड़ताल कर चुके हैं लेकिन नौसेना अधिकारियों के कानों पर जू भी नहीं रेंगती |

नेवी कॉलोनी में मनसे पदाधिकारी के साथ चौकीदारों की चर्चा
नेवी कॉलोनी में मनसे पदाधिकारी के साथ चौकीदारों की चर्चा

इस बार भी सारे चौकीदार १९ मार्च २०१९ से हड़ताल पर हैं | उन्हें इस बार तीन महीने की पगार नहीं मिली है | वैसे भी नौसेना उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन का ५०% ही देती है | उनके प्रोविडेंट फण्ड और इन्सुअरंस का पैसा भी नौसेना के अधिकारी दारू तथा ऐय्याशी में उड़ा देते हैं | जो बचा हुआ आधा वेतन मिलता था वो भी पिछले तीन महीने से नहीं मिला | इस मामले की शिकायत कई बार प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री तथा नौसेना के उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ | ऐसे में सिक्यूरिटी गार्डों ने अब राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से सहायता माँगी |

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारियों ने तुरंत सक्रिय होकर कांट्रेक्टर तथा नौसेना प्रशासन पर दबाव बनाया तो उन्होंने एक सप्ताह के अंदर पूरा वेतन देने का वादा किया है | मनसे के पदाधिकारियों ने कहा है कि यदि एक सप्ताह में वेतन नहीं मिला तो फिर वो मनसे स्टाइल में न्याय दिलाएंगे |

इस घटनाक्रम के बाद मुझे उम्मीद है कि नौसेना के भ्रष्ट अधिकारियों को थोड़ी शर्म आएगी | अपना जमीर तो वो पहले ही बेच चुके हैं, देश रोज बेच रहे हैं और गरीबों के थाली से रोटी चुराना भी जारी है | हराम की रोटी तोड़-तोड़कर उनकी बुद्धि भी भ्रष्ट हो चुकी है | ऐसा न होता तो इतनी इज्जत उछलने के बाद भी क्या वो इस तरह गरीबों का शोषण जारी रखते ?

चौकीदार नरेंद्र मोदी और उनके समर्थक चौकीदार पूरे मामले में सो ही रहे हैं | इस जन्म में उनकी नींद खुलने की उम्मीद भी नहीं है |

बाकि पाठक नौसेना अधिकारियों से ज्यादा उम्मीद न रखे, उनका नौसेना का सही चरित्र जानना है तो यह लेख जरुर पढ़ें :

(आजके लिए इतना ही काफी है | बाकी किसी और दिन | नौसेना के भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ebharat.net | मुझसे संपर्क करके अपने विचार जरुर बताएँ | मेरा मेल है : [email protected])